ठाणे जिले में स्कूलों की बुनियादी सुविधाएं सुधारने, शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए करीब 400 करोड़ रुपये का विकास आराखड़ा तैयार किया गया है। इसमें स्कूलों के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के कायाकल्प के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। सांसद एवं जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा समिति) के अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत शिंदे के निर्देश पर तैयार इस योजना में शहरी सुविधाओं, महिला सशक्तीकरण और दलित व झुग्गी-बस्तियों के विकास को भी प्राथमिकता दी गई है।
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित दिशा समिति की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों की योजना, निधि की उपलब्धता और विभिन्न परियोजनाओं को लागू करने पर चर्चा हुई। डॉ. शिंदे ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और निर्धारित योजनाओं को प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
स्कूलों में डिजिटल शिक्षा से लेकर स्मार्ट क्लासरूम तक
जिले के जिला परिषद, महानगरपालिका और नगरपालिका क्षेत्रों के स्कूलों में डिजिटल शिक्षा, इंटरनेट कनेक्शन, आधुनिक कक्षाएं, आदर्श रसोईघर, लड़के-लड़कियों के लिए अलग शौचालय और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
‘सक्षम स्कूल अभियान’ के तहत जरूरत के अनुसार स्कूलों का पुनर्निर्माण कर उन्हें स्मार्ट स्कूलों के रूप में विकसित किया जाएगा। स्कूल परिसरों में सौर ऊर्जा परियोजनाएं, वर्षा जल संचयन, विद्यार्थियों के लिए बेहतर विश्राम कक्ष और शैक्षणिक व प्रेरणादायक चित्रों से सजी दीवारें बनाने की भी योजना है।
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए अनुभवी शिक्षकों का सहयोग लेने, प्रत्येक स्कूल का अद्यतन रिकॉर्ड रखने और हर साल मूल्यांकन करने पर जोर दिया गया है। मूल्यांकन के आधार पर स्कूलों में जरूरी सुधार किए जाएंगे। इसके लिए जिला परिषद, महानगरपालिकाओं और नगर परिषदों के माध्यम से आवश्यक निधि जुटाने की योजना है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए ₹100 करोड़
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये का अलग विकास आराखड़ा तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य नागरिकों को एक ही छत के नीचे जरूरी स्वास्थ्य जांच, इलाज और बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत स्वास्थ्य केंद्रों की इमारतों और बुनियादी सुविधाओं, साफ-सफाई, मरीजों के लिए जरूरी व्यवस्था तथा चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। डॉ. शिंदे ने स्वास्थ्य केंद्रों को सक्षम बनाने और नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
सड़कों, उद्यानों और सार्वजनिक सुविधाओं का भी होगा विकास
शहरों में प्रमुख सड़कों के सौंदर्यीकरण, आकर्षक रोशनी, तालाबों और उद्यानों के विकास तथा सार्वजनिक स्थानों को बेहतर बनाने की योजना है। नागरिकों के लिए आधुनिक सुविधाओं वाले सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएंगे। उनकी नियमित सफाई और रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाएगा।
उद्यानों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यायाम की सुविधाएं, साइकिल ट्रैक, बच्चों के खेलने की जगह और आधुनिक व्यायामशालाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय और अध्ययन कक्ष उपलब्ध कराने की योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए बेहतर फुटपाथ, पर्याप्त रोशनी और जरूरी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया गया है।
महिलाओं और झुग्गी-बस्तियों के विकास पर भी फोकस
महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। महिलाओं के कार्यक्रमों और गतिविधियों के लिए महिला भवनों तथा सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों के लिए सुविधायुक्त सभागृह बनाने पर भी विचार किया जाएगा।
दलित बस्तियों और झुग्गी-बस्तियों में सड़क, पानी की आपूर्ति, नालियां, स्ट्रीट लाइट और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विकास कार्यों की योजना बनाते समय नागरिकों की रोजमर्रा की जरूरतों, सुरक्षा, स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं के बेहतर उपयोग को प्राथमिकता दी जाए।
निधि और प्रशासनिक सहयोग के लिए भी प्रयास
विकास आराखड़े को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से आवश्यक निधि और प्रशासनिक सहयोग प्राप्त करने के लिए संपर्क किया जाएगा। बैठक में सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सांसद नरेश म्हस्के, विधायक डॉ. बालाजी किणीकर, विधायक राजेश मोरे, जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, ठाणे महानगरपालिका आयुक्त सौरव राव, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजीत यादव, कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका आयुक्त अभिनव गोयल, उल्हासनगर महानगरपालिका आयुक्त मनीषा आव्हाळ, अंबरनाथ नगरपालिका के मुख्याधिकारी उमाकांत गायकवाड, बदलापुर नगरपालिका के मुख्याधिकारी मारुति गायकवाड तथा शिवसेना के राज्य संगठन प्रमुख आनंद परांजपे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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