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मोहम्मद मुकीम शेख | मुंबई

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच बड़ा फैसला लेते हुए Repo Rate में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही Repo Rate बढ़कर 5.50 प्रतिशत हो गया है। यह करीब चार साल में RBI की पहली Repo Rate बढ़ोतरी है। RBI की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने इस फैसले को सर्वसम्मति से मंजूरी दी।

महंगाई के दबाव के बीच RBI का फैसला

RBI ने अपनी मौद्रिक नीति का रुख 'Neutral' से बदलकर 'Calibrated Tightening' कर दिया है। इसका संकेत है कि महंगाई के जोखिम को देखते हुए केंद्रीय बैंक जरूरत पड़ने पर आगे भी ब्याज दरों में बदलाव कर सकता है। हालांकि RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्पष्ट किया है कि आगे की कार्रवाई महंगाई और आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों पर निर्भर करेगी।

RBI ने चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई का अनुमान पहले के 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.2 प्रतिशत कर दिया है। वहीं GDP Growth का अनुमान 6.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत किया गया है।

Loan और EMI पर क्या होगा असर?

Repo Rate वह प्रमुख दर है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक धन उपलब्ध कराता है। Repo Rate बढ़ने से बैंकों की फंडिंग लागत बढ़ सकती है और इसका असर कुछ प्रकार के Floating-Rate Loans की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।

इसका मतलब यह है कि Home Loan, Vehicle Loan या अन्य Repo-linked loans लेने वाले ग्राहकों की EMI बढ़ने या ब्याज लागत बढ़ने की संभावना बन सकती है। हालांकि वास्तविक असर संबंधित बैंक की ब्याज दर, Loan के प्रकार और ग्राहक के ऋण अनुबंध पर निर्भर करेगा।

RBI ने क्यों बढ़ाई दर?

RBI के अनुसार महंगाई का दबाव फिर से बढ़ रहा है। ऊंची तेल कीमतों और खाद्य कीमतों सहित विभिन्न कारकों ने महंगाई के जोखिम को बढ़ाया है। दूसरी ओर भारतीय अर्थव्यवस्था की Growth मजबूत बनी हुई है। ऐसे माहौल में RBI ने महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए मौद्रिक नीति को अधिक सख्त दिशा में ले जाने का फैसला किया है।

आगे क्या?

RBI ने संकेत दिया है कि आगे के ब्याज दर संबंधी फैसले किसी पूर्व निर्धारित रास्ते पर नहीं होंगे। महंगाई, आर्थिक वृद्धि और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए आगे की नीति तय की जाएगी। इसलिए आने वाले महीनों में RBI की अगली Monetary Policy Meetings पर बाजार, बैंक और Loan borrowers की नजर रहेगी।

स्रोत: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), Reuters

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