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मोहम्मद मुकीम शेख | मुंबई

मुंबई, 26 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित टिप्पणियों को लेकर शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने नाराजगी जताई है। उन्होंने इन टिप्पणियों को निंदनीय और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध के दौरान व्यक्तिगत और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

डॉ. श्रीकांत शिंदे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद और राजनीतिक विरोध स्वाभाविक हैं, लेकिन विरोध के नाम पर व्यक्तिगत कटुता उचित नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता के खिलाफ कथित अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई और कहा कि सार्वजनिक जीवन में शालीनता तथा मानवीय संवेदनाओं का सम्मान बनाए रखना जरूरी है।

‘राजनीतिक विरोध में मर्यादा जरूरी’

शिंदे ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को सार्वजनिक बयान देते समय संयम और जिम्मेदारी बरतनी चाहिए। उनके मुताबिक, असहमति जताने के कई लोकतांत्रिक तरीके हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों से राजनीतिक संवाद का स्तर गिरता है।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए गांधी परिवार की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और पूछा कि इस तरह के बयान पर पार्टी के वरिष्ठ नेता अपनी प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहे हैं।

प्रधानमंत्री पद की गरिमा का मुद्दा उठाया

शिवसेना सांसद ने कहा कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और उन्हें जनता का जनादेश प्राप्त है। ऐसे में उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल प्रधानमंत्री पद की गरिमा और लोकतांत्रिक जनादेश के सम्मान से भी जुड़ा विषय है।

यह प्रतिक्रिया शिवसेना की ओर से जारी प्रेस नोट पर आधारित है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित टिप्पणी का सटीक पाठ या कांग्रेस का पक्ष शामिल नहीं है।

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