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-हैरत में रह गए परिजन, तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म

-खत्म नहीं हो पा रहा है चोटी कटवा का खौफ


मीरजापुर,हिन्दुस्तान की आवाज, संतोष देव गिरी

मीरजापुर। महिलाओं के चोटी कटने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसको लेकर जहां जनमानस में तरह-तरह की चर्चा व्याप्त हो रखी है वहीं प्रशासन इन घटनाओं को कोरा अंधविश्वास करार दे कर चुप्पी साध ले रहा है, लेकिन चोटी करने की शिकार हो रही महिलाएं और उनका परिवार इस भ्रम से उबरने को कौन कहे दहशत के साये में जी रहे है। शुक्रवार को जिले के कई हिस्सों में इस प्रकार की घटनाएं हुई लेकिन अहरौरा थाना क्षेत्र के मुझडीह गांव में घटी घटना ने सभी को न केवल दंग करके रख दिया है, बल्कि लोग चकित भी है। दरअसल हुआ यह कि उक्त गांव निवासी पूजा बिंद 25 पत्नी जीऊत घर में परिजनों संग बैठकर टीवी देख रही थी तभी अचानक उसकी चोटी कट गई। चोटी कटते ही पूजा जहां अचेत हो गई वहीं उसे आनन फानन में उपचार के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया जहां से उसे अन्यत्र के लिए रेफर कर दिया गया है। इस घटना को लेकर न केवल ग्रामीण चकित है बल्कि महिलाओं में काफी खौफ भी देखा जा रहा है चैटी कटवा को लेकर। दुसरी ओर लोगों में बस एक बात को लेकर ही चर्चा हो रही है कि आखिरकार इसके पीछे कौन हो सकता है। यदि यह भ्रम है तो कैसे चोटी कट जा रही है। कुछ लोगों का कहना है कि इसके पीछे गहरी साजिश है तो कोई कह रहा है कि एक प्रकार की कीट है जो चैटी काट रहा है जैसा की इन दिनों उसका फोटो भी तेजी के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रखा है। लोगों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन भी अभी तक इसके पीछे के असल कारणों का पता नहीं लगा पाया है। पुलिस प्रशासन के महज इतना कह देने मात्र कि यह कोरा अंधविश्वास और भ्रम है से लोगों को भरोसा नहीं हो पा रहा है और ना ही इससे राहत मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि जब तक इसके असल कारणों का पता लगाकर जनता को इससे अवगत नहीं कराया जाता है तब तक यह भ्रम खत्म होने वाला नहीं है और ना ही लोगों को इससे छुटकारा मिलने वाला है। खासकर महिलाओं में चोटी कटवा का खौफ खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बताते चले कि अब तक जिले में सैकड़ों महिलाएं चोटी कटने की शिकार हो चुकी है। अकेले मंडलीय चिकित्सालय की बात करे तो शायद ही ऐसा कोई दिन होता होगा जब दो-तीन केस चोटी कटने के न आते हो खुद मंडलीय अस्पताल के चिकित्सक भी इससे आजिज आ चुके है। मजे कि बात है कि मंडलीय अस्पताल आने वाले चोटी कटने के पीड़ितों को पांच सौ रूपये का इंजेक्शन जहां लगा दिया जा रहा है वहीं उन्हें बाहर से जांच के लिए पर्चा भी थमा दिया जा रहा है। ऐसे में न मौसमी भ्रमरहित बीमारी से पीड़ितों की जेब भी ढीली हो जा रही है।
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