महाराष्ट्र में सूखे की मार झेल रहे किसानों की दिवाली को राहत देने के लिए शिवसेना ने राज्यभर में 7 लाख 69 हजार दिवाली राशन किट वितरित करने की पहल की है। पार्टी का दावा है कि इनमें से अब तक 5 लाख 38 हजार 500 किट किसानों तक पहुंचाई जा चुकी हैं, जबकि शेष किट अगले दो दिनों में वितरित कर दी जाएंगी। इस अभियान के तहत राज्य के 278 सूखाग्रस्त तालुकों के किसान परिवारों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही शिवसेना की शाखाओं को 'किसान सेवा केंद्र' के रूप में विकसित करने की भी घोषणा की गई है।
शिवसेना प्रवक्ता एवं पूर्व सांसद आनंद परांजपे ने गुरुवार को मुंबई स्थित बालासाहेब भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पार्टी के मुख्य नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्टी के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को किसानों के साथ दिवाली मनाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अगले तीन दिनों में जनप्रतिनिधि किसानों के खेतों तक पहुंचेंगे।
278 सूखाग्रस्त तालुकों में पहुंचाई जा रही राशन किट
आनंद परांजपे के अनुसार, मराठवाड़ा, नासिक, पुणे, अमरावती और नागपुर क्षेत्रों के 278 तालुकों के किसान परिवारों को इस अभियान में शामिल किया गया है। अब तक वितरित राशन किट का विभागवार विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि मराठवाड़ा में 1 लाख 77 हजार, नासिक विभाग में 1 लाख 35 हजार, पुणे विभाग में 82 हजार, अमरावती विभाग में 77 हजार 500 और नागपुर विभाग में 66 हजार किट वितरित की गई हैं। इसके अलावा 10 हजार गन्ना मजदूरों को भी दिवाली राशन किट दी गई हैं। कोंकण क्षेत्र में अंतिम चरण में वितरण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राज्य के 358 तालुकों में से 304 तालुकों में सरकार ने सूखा घोषित किया है। इनमें से 278 तालुकों के किसानों तक शिवसेना की ओर से राशन किट पहुंचाई जा रही हैं। दशहरे के दिन ठाणे से 60 और मुंबई से 40 ट्रकों के माध्यम से राशन किट रवाना की गई थीं। इसके अतिरिक्त शिवसेना के डॉक्टर सेल के माध्यम से गरीब परिवारों को 5 हजार दिवाली राशन किट वितरित करने की योजना है।
किसानों के साथ दिवाली मनाएंगे शिवसेना के जनप्रतिनिधि
परांजपे ने कहा कि वर्ष 1972 के बाद महाराष्ट्र इस बार भीषण सूखे का सामना कर रहा है और किसान मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सितंबर में दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर किसानों के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता की मांग की थी। इसके बाद केंद्र सरकार की टीमें महाराष्ट्र पहुंचीं और सूखे की स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने बताया कि दशहरा रैली में एकनाथ शिंदे ने आश्वासन दिया था कि किसानों की दिवाली अंधेरे में नहीं बीतने दी जाएगी। इसी संकल्प के तहत पार्टी ने राहत अभियान शुरू किया है। परांजपे के मुताबिक, किसानों की पत्नियों और महिलाओं को 25 हजार सिलाई मशीनें तथा किसान परिवारों की बेटियों को 25 हजार साइकिलें वितरित की गई हैं।
किसान बेटियों के सामूहिक विवाह भी कराएगी शिवसेना
परांजपे ने बताया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्टी कार्यकर्ताओं को 'मदद का तोरण, यही शिवसेना का संकल्प' के तहत भगवा झंडा लेकर किसानों के खेतों तक पहुंचने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सूखाग्रस्त किसानों को अपनी बेटियों की शादी की चिंता करने की जरूरत नहीं है। दिसंबर के बाद शिवसेना की ओर से सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए इच्छुक किसान परिवारों को अपने जिले के शिवसेना जिला प्रमुख के पास पंजीकरण कराना होगा।
शिवसेना की शाखाएं बनेंगी 'किसान सेवा केंद्र'
सूखाग्रस्त क्षेत्रों में किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए शिवसेना की शाखाओं को 'किसान सेवा केंद्र' के रूप में संचालित किया जाएगा। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही मनरेगा के तहत पंजीकरण कराने में सहायता, फसल नुकसान के पंचनामे से जुड़ी समस्याओं के समाधान और अन्य जरूरी सरकारी प्रक्रियाओं में मदद की जाएगी।
परांजपे ने कहा कि शिवसेना की ओर से किसानों के लिए सहायता और कल्याणकारी गतिविधियां केवल दिवाली तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि अगले मानसून तक जारी रहेंगी।
एकनाथ शिंदे को काशी में मिली उपाधियों का भी किया उल्लेख
पत्रकार परिषद में परांजपे ने बताया कि बुधवार को काशी नगरी में एकनाथ शिंदे को 'सनातन मार्तंड' और 'धर्म ध्वजा धारक' की उपाधियों से सम्मानित किया गया।
उन्होंने कहा कि शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व के सच्चे उत्तराधिकारी एकनाथ शिंदे हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने 'कॉमन मैन' यानी आम आदमी के रूप में काम किया और उपमुख्यमंत्री बनने के बाद 'डेडिकेटेड टू कॉमन मैन' की भूमिका निभाई। अब सूखे के संकट में किसानों का जीवन स्तर बेहतर बनाने और उन्हें मुश्किलों से बाहर निकालने के लिए वे 'डेडिकेटेड टू चेंज मेकर' की भूमिका निभा रहे हैं।
NCP विधायकों की शिकायतों पर भी दी प्रतिक्रिया
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायकों की ओर से काम नहीं होने की शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए परांजपे ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे महायुति के 232 विधायकों के साथ-साथ विपक्षी विधायकों के काम भी करते हैं। उन्होंने कहा कि काम के सिलसिले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का कोई भी विधायक उनसे कभी भी मिल सकता है।
पूर्णेकर हत्याकांड और दिशा सालियान मामले पर बयान
ठाणे के पूर्णेकर हत्याकांड पर प्रतिक्रिया देते हुए परांजपे ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने शुरुआत से ही पूर्णेकर परिवार को आगे कर शिवसेना और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की छवि खराब करने का प्रयास किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि पूर्णेकर परिवार से मिलने ठाणे आने वाले विपक्षी नेताओं ने दिशा सालियान के परिवार से मिलने का साहस क्यों नहीं दिखाया।
परांजपे ने यह भी बताया कि दिशा सालियान मामले में शिवसेना के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल सीबीआई प्रमुख से मुलाकात करेगा।
सूखे के संकट में किसानों के लिए 'डेडिकेटेड टू चेंज मेकर' बने शिंदे
परांजपे ने कहा कि किसानों की मदद और कल्याणकारी योजनाओं का अभियान अगले मानसून तक जारी रहेगा। उनके मुताबिक, सूखे की चुनौती के बीच किसानों को आर्थिक और सामाजिक मुश्किलों से बाहर निकालने तथा उनके परिवारों को सहायता देने के लिए शिवसेना विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है। इसी भूमिका को उन्होंने एकनाथ शिंदे के लिए 'डेडिकेटेड टू चेंज मेकर' बताया।
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