*मुंबई , दिनांक , ३ जनवरी २०२६*
मुंबई महानगर पालिका चुनाव को लेकर वादों की झड़ी लगाने वाले मनसे और उबाठा के युवराजों की पाठशाला में जिस तरह से मुंबईकरों के लिए बड़े - बड़े वादे किए गए उन वादों को क्या मनसे और उबाठा पूरा कर सकते है ? यह बड़ा सवाल है मुंबईकरों के सामने ,ऐसे में उनके वादों में कितनी सच्चाई है इसका खुलासा किया शिवसेना के महासचिव राहुल शेवाले ने।
राहुल शेवाले ने प्रेस को सम्बोधित करते हुए उबाठा और मनसे के दोनों युवराज की क्लास लेते हुए कहा की दोनों युवराजों ने जो मुंबई को लेकर अपना विजन रखा है वो कभी नहीं पूरा हो सकता है। मुंबई कॉरपोरेशन एक्ट १८८ के अनुसार मुंबई महानगरपालिका को जो अधिकार है उसके अनुसार जिसकी राज्य में सरकार है और केंद्र में सरकार है वही वो काम कर सकते है जिसके पास सरकार नहीं है वो उसे पूरा नहीं कर सकती है।
राहुल शेवाले ने जानकारी देते हुए कहा की अमित ठाकरे और आदित्य ठाकरे ने मुंबईकरों के घरों को लेकर दिए गए आश्वासन का कोई कानूनी आधार नहीं है।मुंबई महानगरपालिका अधिनियम १८८८ के तहत मुंबईकरों के लिए घर बनाने का कोई प्रावधान नहीं है। यह अधिकार राज्य सरकार के पास है। यदि कोई नीति बनानी हो तो नगर विकास विभाग की अनुमति आवश्यक होती है, साथ ही विधानमंडल में बहुमत भी होना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि ७०० वर्ग फुट तक की संपत्तियों पर कर माफी देने का अधिकार नगर निगम के पास नहीं है, यह अधिकार नगर विकास विभाग का है। बेस्ट परिवहन विभाग घाटे में चल रहा है। मुंबई महानगरपालिका उसे आर्थिक सहायता देती है, लेकिन इसके लिए भी नगर विकास विभाग की मंजूरी जरूरी होती है। १०० यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा पर शेवाले ने कहा कि इस संबंध में निर्णय लेने का अधिकार राज्य विद्युत नियामक आयोग के पास है, न कि मुंबई महानगरपालिका के पास। इसी तरह, नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए राज्य सरकार और नेशनल मेडिकल कमीशन की अनुमति अनिवार्य है।
राहुल शेवाले ने आगे अपनी भूमिका रखते हुए कहा की उबाठा और मनसे के लोग सरकारी योजना का हमेशा विरोध करते रहे है। लाड़ली बहन योजना का भी विरोध जताया था लेकिन सरकार ने यह योजना लागू की जिसका फायदा हमारी बहनो को हो रहा है और उन्ही बहनो ने विरोधयों को उनकी असली जगह बताते हुए उन्हें घर बिठा दिया। मुंबई के लोग काफी समझदार है वो झूठे वादों पर नहीं फसेंगे।
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