चहनियॉ (चंदौली), हिन्दुस्तान की आवाज, प्रकाश यादव
धानापुर। इंटरमीडिएट कालेज धराव में बिगत वर्षो लाखो रुपये खर्च कर पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा कार्यदायी संस्था के माध्यम बने आधा -अधूरा छात्रावास देख रेख के आभाव में भुतही हवेली का खण्डहर बन चूका है । कारण यह है कि उक्त भवन में आज तक न तो कोई कर्मचारी नियुक्त हुआ और न ही किसी छात्रो को आवास आवंटित किया गया। जिससे छात्रावास मे लगे बल्ब पंखे वायरिंग के तार समेत अन्य उपयोगी सामान अराजक तत्वों द्वारा गायब किया जा चूका है।
बताते चले की वर्ष 2009 में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के द्वारा पिछड़े वर्ग के छात्रो को पढ़ाई के लिए इंटर मीडिएट कालेज धराव के कालेज के बिल्डिंग से महज पचास मित्र की दुरी पर कालेज की जमीन पर लगभग 36 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त कर एक कार्यदाई संस्था के द्वारा बिल्डिंग का निर्माण जिम्मा सौपा गया । मगर उक्त कार्यदाई संस्था के ठेकेदार व् कालेज का प्रबन्धक के देख रेख में भवन तो बनकर तैयार जरूर हुआ लेकिन कमीशनखोरी के चलते बिल्डिंग मानक के अनुसार नही बनी ।निर्माण सामग्री में घटिया सामान तो लगा ही मगर ठेकेदार द्वारा भवन के चारो तरफ वाउंड्री वाल में गेट त था सड़क से छात्रावास तक जाने के लिए सम्पर्कमार्ग थ नही बनवाया जिससे उक्त छात्रावास सुरक्षा की दृष्टि से भी अधूरा है ।परिणाम स्वरूप छात्रावास आस पास के अराजक तत्वो लिए आरामगाह बन गया और फिर धीरे धीरे कमरो में लगे हुए बिजली के सामान दरवाजो की कुडिया ताला सहित जरूरत की सभी सामानो पर हाथ साफ क्र दिये ।और खिड़की में लगे शीशा को चरवाहों ने तोड़कर नष्ट क्र दिया ।
मजेदार बात तो यह है कि भवन बन जाने के कई साल बाद तक कालेज को हस्तांतरण नही की गई थी । जब विभागीय अधिकारियो द्वारा ठेकेदार पर दवाव बनाया तो आनन फानन में तत्कालीन प्रधानाचार्य को अधूरी बिल्डिंग सौप कर ठेकेदार चला गया ।
इस सम्बन्ध में कालेज के प्रधानाचार्य रोहिणी कुमार पाण्डेय बताया है जिला विद्यालय निरीक्षक महोदय द्वारा एक पत्र आया है जिसमे आदेश है कि छत्रावास में इक्छुक पिछड़े वर्ग के छात्रो को कमरा उपलब्ध कराया जाय अगर विद्यालय के छात्र न ले तो आस पास के महाविद्यालयों के बी ए , बी एड , व् बी टी सी के छात्रो को छात्रावास दिया जाय उक्त आदेशानुसार जरूरतमन्द छात्र आवेदन पत्र देकर सुबिधा का लाभ उठा सकते है ।उन्होंने छात्रावास में दुर्व्यस्था के बाबत पूछने पर तत्कालीन अधिकारियो को जिम्मेदार बताया।
मगर क्षेत्रीय अभिभावको एवं ग्रामीणों का कहना है कि जिस उद्येश्य को लेकर सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग के गरीब छात्रो की सुबिधा हेतु छात्रावास बनाया गया वह योजना परवान नही चढ़ सकी जब कि आज लाखो की धनराशि खर्च कर बनाई गई बिल्डिंग भुतही खण्डहर बन गई गई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी महोदय से छात्रा वास के अधूरे कार्यो को पूरा करवाने तथा ठेकेदार व् अन्य दोषी अधिकारियो के विरुद्ध जाँच की मांग की गई है।
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- Disclaimer हमे आप के इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करे और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य मे कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह ईमेल hindustankiaawaz.in@gmail.com भेज कर सूचित करे । साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दे । जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।
धानापुर। इंटरमीडिएट कालेज धराव में बिगत वर्षो लाखो रुपये खर्च कर पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा कार्यदायी संस्था के माध्यम बने आधा -अधूरा छात्रावास देख रेख के आभाव में भुतही हवेली का खण्डहर बन चूका है । कारण यह है कि उक्त भवन में आज तक न तो कोई कर्मचारी नियुक्त हुआ और न ही किसी छात्रो को आवास आवंटित किया गया। जिससे छात्रावास मे लगे बल्ब पंखे वायरिंग के तार समेत अन्य उपयोगी सामान अराजक तत्वों द्वारा गायब किया जा चूका है।
बताते चले की वर्ष 2009 में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के द्वारा पिछड़े वर्ग के छात्रो को पढ़ाई के लिए इंटर मीडिएट कालेज धराव के कालेज के बिल्डिंग से महज पचास मित्र की दुरी पर कालेज की जमीन पर लगभग 36 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त कर एक कार्यदाई संस्था के द्वारा बिल्डिंग का निर्माण जिम्मा सौपा गया । मगर उक्त कार्यदाई संस्था के ठेकेदार व् कालेज का प्रबन्धक के देख रेख में भवन तो बनकर तैयार जरूर हुआ लेकिन कमीशनखोरी के चलते बिल्डिंग मानक के अनुसार नही बनी ।निर्माण सामग्री में घटिया सामान तो लगा ही मगर ठेकेदार द्वारा भवन के चारो तरफ वाउंड्री वाल में गेट त था सड़क से छात्रावास तक जाने के लिए सम्पर्कमार्ग थ नही बनवाया जिससे उक्त छात्रावास सुरक्षा की दृष्टि से भी अधूरा है ।परिणाम स्वरूप छात्रावास आस पास के अराजक तत्वो लिए आरामगाह बन गया और फिर धीरे धीरे कमरो में लगे हुए बिजली के सामान दरवाजो की कुडिया ताला सहित जरूरत की सभी सामानो पर हाथ साफ क्र दिये ।और खिड़की में लगे शीशा को चरवाहों ने तोड़कर नष्ट क्र दिया ।
मजेदार बात तो यह है कि भवन बन जाने के कई साल बाद तक कालेज को हस्तांतरण नही की गई थी । जब विभागीय अधिकारियो द्वारा ठेकेदार पर दवाव बनाया तो आनन फानन में तत्कालीन प्रधानाचार्य को अधूरी बिल्डिंग सौप कर ठेकेदार चला गया ।
इस सम्बन्ध में कालेज के प्रधानाचार्य रोहिणी कुमार पाण्डेय बताया है जिला विद्यालय निरीक्षक महोदय द्वारा एक पत्र आया है जिसमे आदेश है कि छत्रावास में इक्छुक पिछड़े वर्ग के छात्रो को कमरा उपलब्ध कराया जाय अगर विद्यालय के छात्र न ले तो आस पास के महाविद्यालयों के बी ए , बी एड , व् बी टी सी के छात्रो को छात्रावास दिया जाय उक्त आदेशानुसार जरूरतमन्द छात्र आवेदन पत्र देकर सुबिधा का लाभ उठा सकते है ।उन्होंने छात्रावास में दुर्व्यस्था के बाबत पूछने पर तत्कालीन अधिकारियो को जिम्मेदार बताया।
मगर क्षेत्रीय अभिभावको एवं ग्रामीणों का कहना है कि जिस उद्येश्य को लेकर सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग के गरीब छात्रो की सुबिधा हेतु छात्रावास बनाया गया वह योजना परवान नही चढ़ सकी जब कि आज लाखो की धनराशि खर्च कर बनाई गई बिल्डिंग भुतही खण्डहर बन गई गई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी महोदय से छात्रा वास के अधूरे कार्यो को पूरा करवाने तथा ठेकेदार व् अन्य दोषी अधिकारियो के विरुद्ध जाँच की मांग की गई है।
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