मुंबई, हिन्दुस्तान की आवाज,मोहम्मद मुकीम शेख
मुंबई, बेस्ट के कर्मचारियों को वेतन समय पर नही मिलने पर ही वर्षगाठ के दिन हड़ताल किया गया था . इस हड़ताल को खत्म करते समय १० तारीख को वेतन दिए जाने का आश्वासन पालिका की सत्ताधारी शिवसेना पार्टी के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दिया था. उस समय बेस्ट की जिम्मेदारी और कर्मचारियों की वेतन की जिम्मेदारी पालिका लेगी यह घोषित किया गया था. लेकिन बेस्ट के कर्मचारियों को जुलाई महीने का वेतन देने के लिए बेस्ट को २५० करोड़ रूपये का कर्ज निकालना पड़ा है. इसलिए उद्धव ठाकरे द्वारा दिया गया आश्वासन हवे में उड़ गयी यह कर्मचारियों में चर्चा है.
मुंबई, बेस्ट के कर्मचारियों को वेतन समय पर नही मिलने पर ही वर्षगाठ के दिन हड़ताल किया गया था . इस हड़ताल को खत्म करते समय १० तारीख को वेतन दिए जाने का आश्वासन पालिका की सत्ताधारी शिवसेना पार्टी के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दिया था. उस समय बेस्ट की जिम्मेदारी और कर्मचारियों की वेतन की जिम्मेदारी पालिका लेगी यह घोषित किया गया था. लेकिन बेस्ट के कर्मचारियों को जुलाई महीने का वेतन देने के लिए बेस्ट को २५० करोड़ रूपये का कर्ज निकालना पड़ा है. इसलिए उद्धव ठाकरे द्वारा दिया गया आश्वासन हवे में उड़ गयी यह कर्मचारियों में चर्चा है.
गौरतलब हा की बेस्ट के कर्मचारियों को वेतन समय पर मिले और बेस्ट का बजट पालिका के बजट में शामिल किया जये इत्यादी मांगों के लिए कर्मचारियों की कृती समितीने ७ अगस्त को हड़ताल किया था. पालिका औकत ने मुख्यमंत्री से बेस्ट के लिए निधी दिए जाने की किया था सूचना. लेकिन कृती समितीने पालिका आयुक्त से लिखित आश्वासन दिए जाने की मांग किया था. लिखित देने के लिए पालिका आयुक्त तयार नही होने से कृती समितीने हड़ताल का एलान किया था. सोमवार की मध्यरात्री से सुरु किये गये हड़ताल का समझौता करने के लिए शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के मातोश्री इस निवासस्थान में दोपहर में बैठक आयोजित की गयी थी. इस बैठक के समय उद्धव ठाकरे ने बेस्ट कर्मचारियों और वेतन की जिम्मेदारी पालिका ले रही है यह घोषित किया था. उद्धव ठाकरे के इस जबानी आश्वासन के बाद कृती समितीने आयुक्त के पास से लिखित आश्वासन की मांग छोड़कर हड़ताल पीछे लिया था. उसके बाद आने वाली १० तारीख को कर्मचारियों को वेतन देने के लिए निधी उपलब्ध करवाकर देगे यह अशी अपेक्षा बेस्ट कर्मचारियों को थी. पालिका निधी दे रही है क्या इसका कर्मचारी इंतजार कर रहे थे.दे बेस्ट को ४४ हजार कर्मचारियों की वेतन देने के लिए १८० करोड़ रुपया लगता है. इसमें ८० करोड़ रुपये कर्मचारियों के खाते में सीधा जमा होता है. और कर्मचारियों का पीएफ, विमा हफ्ते, कर्जा के हप्ते के लिए १०० करोड़ रुपया खर्च होता है. बेस्ट के पास इतनी रकम नही होने से हड़ताल के समय १० तारीख को कर्मचारियों को वेतन दिए जाने का शब्द रखने के लिए फिर एक बार बेस्ट को २५० करोड़ रुपये का कर्ज निकालना पढा है. इस कर्ज में से १२० करोड़ रुपया बेस्टने टाटा से लिए जाने वाले बिजली का रुपया दिया है. और बचा हुवा १३० करोड़ रूपये में से और प्रतिदिन जमा होने वाले रुपयों से ५० करोड़ रुपये जमा किया था इसमें से ४४ हजार कर्मचारियों को वेतन दिया गया है.
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