सार्वजनिक मंच पर ब्यक्तिगत का फोटो व बैनर को देख विपक्षी दल के नेताओं में रोष
पूर्व विधायक मनोज सिंह डबलू नें शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित कर हुए वापस
चहनियॉ (चंदौली), हिन्दुस्तान की आवाज, प्रकाश यादव
धानापुर । शहीदों के सम्मान में ही कुछ करनें के लिए दुबारा सैय्यदराजा विधान सभा से हम आये हैं और यह मेरे लिए एक सौभाग्य पूर्ण कार्य होगा। जिसे हम खोना नहीं चाहते हैं। शहीद स्थल को एेसा बनाएेगें कि आनें वाला इतिहास याद करेगा। उक्त बातें कस्बा स्थित शहीद पार्क में बुद्धवार को शहीद दिवस हीरक जयन्ती समारोह में शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए सैय्यदराजा विधायक सुशील सिंह नें कही। समारोह को सम्बोधित करते हुए विधायक सुशील सिंह नें कहा कि 16 अगस्त 1942 को एेतिहासिक धानापुर थाना काण्ड़ में स्वतन्त्रता की बलिवेदी पर इस धरती के वीर सपूतों नें प्राणों की आहूति देकर अंग्रेजों की गुलामी से हमें आजाद कराया। उन अतीत को हम याद करनें के लिए ही 16 अगस्त पर एकत्रित हुए हैं। यह एक दिन हम सभी के लिए ही बहुत महत्व पूर्ण है। उन्होनें कहा कि आनें वाले 16 अगस्त को इस शहीदी स्थल पर मुख्यमंत्री योगी जी को लानें का प्रयास करूगॉ। वक्ताओं में राजेन्द्र पाण्ड़ेय, डा० जयप्रकाश पाण्डे़य, लालचन्द सिंह, बृजेश सिंह, राजेश यादव, मंगलकवि, सिराजूद्दीन भुट्टो आदि नें शहीद दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इस धरती की मिट्टी भी चन्दन के समान होती है। शहीद स्थल भी किसी मंदिर, मस्जिद व गुरूद्वारे से कम नहीं होती है। उन्होनें कहा कि अपनें लिए तो सभी जीते हैं। जो देश व समाज हित में काम करे इतिहास उन्ही को याद करता हैं। इस दौरान वन्दे मातरम् पुस्तक का विमोचन विधायक सुशील सिंह, एडीएम ओमप्रकाश चौबे व एल० उमाशंकर सिंह के द्वारा किया गया। शहीद समिति नें दूर-दराज से आये अतिथिगण व शहीद परिवार को पुष्पहार व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मंड़ल अध्यक्ष हृदयनारायण तिवारी, डा० रामजी मिश्र, सत्यवान मौर्या, मृत्युंञ्जय सिंह, बृजेश सिंह, डा०अम्बरीश शर्मा, हलधर सिंह, श्यामलाल, समसेर सिंह, जेपी सिंह सहित क्षेत्रीय गणमान्य लोग मौजूद रहे।
गवाह स्तम्भ पर नहीं चढ़े श्रद्धासुमन - एेतिहासिक थाना परिसर में पड़े उन पॉच स्तम्भों पर श्रद्धासुमन अर्पित नहीं किये गये जो 16 अगस्त 1942 की घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं। जो उस स्थल पे विराजमान हैं जहॉ हीरा सिंह, महगूं सिंह व रधुनाथ सिंह के सीनें को ब्रिटिश दरोगा अनवारूल हक नें गोलियों से छलनी कर दिया था। समाजसेवी अंजनी सिंह नें कहा कि वे स्तम्भ अतिक्रमण का शिकार बन गये हैं। जिसकी तरफ नाहीं शासन की निगाह है नाहीं राजनेताओं की निगाह है। जिसे लेकर शहीद परिजनों में रोष ब्याप्त है।
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