महिला मरीज प्राइवेट चिकित्सक की शरण मे जाने को मजबूर।
महिलाओ को डिलीवरी के लिये प्राइवेट नर्सिंग होम का लेना पड़ रहा सहारा।
उन्नाव,हिंदुस्तान की आवाज़, मतीन मोहम्मद
उन्नाव सफीपुर बताते चले स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सालय है पर उसमे सुविधाओ के नाम एक भी महिला डॉक्टर नही है हर रोज लगभग 15 से 20 महिलाएं प्रसव के लिए आती है जिन्हें निराश होकर प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ता है जहाँ उनसे पैसों का जमकर दोहन किया जा रहा है वही ओपीडी में आने वाले मरीजो की संख्या प्रतिदिन लगभग 300 है जिसमे महिला मरीजो की संख्या पचास प्रतिशत है पर उन्हें चिकित्सकीय सुविधाओ के नाम पर कुछ नहीं है प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं के लिए मात्र दो नर्सो सुमन मिश्रा व किरण चौधरी व संविदा नर्से सुमति , प्रियंका व वर्षा इन्ही के सहारे रात दिन रहना पड़ता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि 10 अप्रैल से कोई महिला डॉक्टर सीएचसी में नही आ रही है जिसमे एक डाक्टर चाइल्ड केयर छुट्टी पर है , एक का स्थानांतरण हो चुका है॥
उन्होने बताया कि पुरुष डॉक्टरों से जो महिला मरीजो का इलाज संभव है किया जाता है नही तो जिला अस्पताल के लिए रिफर कर दिया जाता है ।
---------------------------------------------------------------------------------------------------------- Disclaimer हमे आप के इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करे और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य मे कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह ईमेल hindustankiaawaz.in@gmail.com भेज कर सूचित करे । साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दे । जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।
उन्नाव सफीपुर बताते चले स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सालय है पर उसमे सुविधाओ के नाम एक भी महिला डॉक्टर नही है हर रोज लगभग 15 से 20 महिलाएं प्रसव के लिए आती है जिन्हें निराश होकर प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ता है जहाँ उनसे पैसों का जमकर दोहन किया जा रहा है वही ओपीडी में आने वाले मरीजो की संख्या प्रतिदिन लगभग 300 है जिसमे महिला मरीजो की संख्या पचास प्रतिशत है पर उन्हें चिकित्सकीय सुविधाओ के नाम पर कुछ नहीं है प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं के लिए मात्र दो नर्सो सुमन मिश्रा व किरण चौधरी व संविदा नर्से सुमति , प्रियंका व वर्षा इन्ही के सहारे रात दिन रहना पड़ता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि 10 अप्रैल से कोई महिला डॉक्टर सीएचसी में नही आ रही है जिसमे एक डाक्टर चाइल्ड केयर छुट्टी पर है , एक का स्थानांतरण हो चुका है॥
उन्होने बताया कि पुरुष डॉक्टरों से जो महिला मरीजो का इलाज संभव है किया जाता है नही तो जिला अस्पताल के लिए रिफर कर दिया जाता है ।
---------------------------------------------------------------------------------------------------------- Disclaimer हमे आप के इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करे और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य मे कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह ईमेल hindustankiaawaz.in@gmail.com भेज कर सूचित करे । साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दे । जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

Post a Comment
Blogger Facebook