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सोलापुर, २४ मई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने आज यहां कहा कि राज्य में पानी की समस्या को दूर करने के लिए दो साल पहले शुरू की गई जलयुक्त शिवार योजना को लेकर लोगों में भारी उत्साह है. सबसे बड़ी बात इस योजना को सरकरा ने जरूर शुरू की थी ,लकिन अब यह योजना सरकरा की नहीं जनता की हो गई है। जनता की भागेदारी ही जलयुक्त शिवार योजना की सफलता का रहस्य है।

सोलापुर के सांगोला तालुका में मानेगांव और डोंगरगांव में जलयुक्त शिवार योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री सुभाष देशमुख, सोलापुर के पालकमंत्री विजयकुमार देशमुख, विधायक गणपतराव देशमुख, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव प्रवीण परदेशी, पंचायत समिति के सभापति मायाक्का यमगर, उपसभापति शोभा खटकाले, जिला परिषद सदस्य दादासाहेब बाबर, मानेगाव के सरपंच नारायण बाबर, उपसरपंच शोभा मोरे,जिला पुलिस प्रमुख वीरेश प्रभु, अतिरिक्त जिलाधिकारी प्रवीण देवरे, जिला कृषि अधीक्षक बसवराज बिराजदार, प्रांत अधिकारी प्रमोद गायकवाड, प्रशिक्षणार्थी उपविभागीय अधिकारी वर्षाराना भोसले,तहसीलदार संजय पाटील, गट विकास अधिकारी अर्चना वाघमले, तालुका कृषि अधिकारी एम. जे. तोडकर समेत विभिन्न महकमे के अधिकारी और बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद थे।

श्री फडणवीस ने कहा कि सूखे से प्रभावित सांगोला तालुका के लोगों जल संरक्षण की अहमियत को भली भाति समझ गए है। इसी कारण इस तालुका में जल संरक्षण का काम बड़े पैमाने पर हुआ है और चल भी रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानेगांव जैसे गांवों में कंपार्टमेंट बनाने का काम 80 फ़ीसदी पूरा हो गया है। लिहाजा, इस गांव में बारित के पानी के एक एक बूंद को संरक्षित करके इस्तेमाल में लाया जाएगा। सोलापुर जिले में पिछले साल भी जलयुक्त शिवार योजना का काम बड़े पैमाने पर हुआ था और यह सिलसिला इस वर्ष भी जारी है और जनपद में कई परियोजनाएं शुरू की गईं हैं।

श्री फड़नवीस ने कहा कि, "पिछले कई दिन से मैं राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर चुका हूं, हर जगह मैं जलयुक्त शिवार योजना को लेकर लोगों में गजब का उत्साह देख रहा हूं। रोजाना हजारों नागरिक जलयुक्त शिवार योजना के लिए श्रमदान के माध्यम से सहयोग दे रहे हैं। लोगों का यह सहयोग ही इस योजना की सफलता का रहस्य है। लोगों के सहयोग के बिना इस महत्वकांक्षी योजना की सफलता संभव ही नहीं होती। अब यह योजना सरकार की नहीं, लोगों की योजना है। इस योजना में लोगों की सहायता करना सरकार का काम है। जलयुक्त शिवार के माध्यम से राज्य के 12 लाख हेक्टर क्षेत्र संरक्षित सिंचाई के अंतर्गत आया है।"

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत मानेगांव में निर्माणाधीन घरों का मुआयना भी किया। श्री फड़नवीस ने इस योजना के लाभार्थी विठ्ठल भडंगे और रुक्मिणी भडंगे से भी बातचीत की। इसके अलावा मानेगांव स्थित जलयुक्त शिवार अभियान के अंतर्गत हो रहे कार्य का भी जायजा लिया। साथ ही मुख्यमंत्री ने लालासो बाबर व दशरथ बाबर नाम के दो किसानों के कुएं के काम का भी मुआयना किया। उसी तरह यहां के सेब, बेर और गन्ने के किसानों से बातचीत की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने खेती के दौरान पानी की कमी की समस्या से निपटने के लिए किसान जो विविध प्रयोग करते हैं, उसकी भी तारीफ की।

मुख्यमंत्री ने इसके बाद वे डोंगरगाव स्थित हरिभाऊ खंडागले के खेत मे बने तालाब का भी मुआयना किया। इस अवसर पर उन्होंने ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस तालाब के लाभ से संबंधित जानकारी देने की लिए संबंधित स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया। मानेगांव के छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रतिमा पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने माल्यार्पण भी किया।

अतिरिक्त जानकारी


जलयुक्त शिवार योजना लागू करने के लिए राज्य सरकार ने उन क्षेत्रों का चयन किया है, जहां पानी की भारी समस्या है और किसान सबसे ज्यादा आत्महत्या कर रहे हैं। इस योजना के तहत गांव के निचले क्षेत्र में गहराई तक खुदाई की जाती है या वहां के तालाबों को और गहरा किया जाता है जिससे बरसात का पानी जमा किया जा सके। इतना ही नहीं, खुदाई स्थल के चारों ओर गहराई बढ़ाई जाती है और ऐसी व्यवस्था की जाती है, जिससे आसपास के क्षेत्रों का पानी उसमें भर सके। बरसात शुरू होने से पहले ही यह काम पूरा कर लिया जाता है ताकि बारिश का पानी जमा किया जा सके। जल संचय होने से उस क्षेत्र के आसपास का भूजल स्तर बढ़ जाएगा। जल स्तर ऊंचा उठने से बोरवेल और पानी के पंपों में भी पानी मिलने लगेगा। योजना के माध्यम से गांवों को सीमेंट के नाले और नहरों से जोड़ने के अलावा अन्य उपाय किए जा रहे हैं। जलयुक्त शिवार योजना से किसानों के खेतों को पानी मिलने लगा है।




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