Ads (728x90)

-सीएमएस इंफो सिस्टम ने फ्री “सीएमएस कैश2होम सर्विस” शुरू करने की घोषणा की, ताकि लॉकडाउन के दौरान भारतीय अपने घरों में सुरक्षित रह सकें

मुंबई, 6 अप्रैल 2020 : असाधारण और संकट के समय से निपटने के लिए कुछ अलग हटकर विशेष उपायों की घोषणा की जाती है। जानलेवा और खतरनाक कोरोना वायरस महामारी को फैलने को रोकने के लिए भारत को इस समय 21 दिन के लॉकडाउन के दौर से गुजरना पड़ रहा है। इससे नागरिकों को कई सर्विसेज को हासिल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। भारत की सबसे बड़ी कैश और पेमेंट्स  सोल्यूशंस कंपनी, सीएमएस इंफो सिस्टम्स ने एक नई और फ्री डोरस्टेप कैश डिलिवरी सर्विस ‘कैश2होम”’ की पेशकश की है। इस सर्विस से वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को घर से निकलने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सुरक्षित तरीके से उनकी रकम उन तक पहुंचाने में मदद की जा सकेगी।



सीएमएस की ‘कैश2होम’ सर्विस बुजुर्गों और दिव्यांगों को उनके घर की दहलीज तक बैंकिंग की सुविधा देने के रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के विजन से तालमेल रखते हुए शुरू की गई है। इस सुविधा से पिछले साल के अंत में बुजुर्गों और दिव्यांगों को जोड़ा गया था। हाल ही में इसे 31 मार्च 2020 के सर्कुलर में फिर दोहराया गया है। यह लॉकडाउन ऐसे समय किया गया है, जब लोगों को अपनी सैलरी और पेंशन निकालने की जरूरत पड़ती है। यही वक्त है, जब सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का पैसा हकदार लोगों के अकाउंट में ट्रांसफर करता है। इसलिए यह सर्विस इस मुसीबत के समय काफी मददगार हो सकती है।



सीएमएस इंफो सिस्टम के सीईओ और एक्‍जीक्‍यूटिव वाइस प्रेसिडेंट राजीव कौल ने कहा, “यह आवश्यक है कि इस समय समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा की जाए। हमने इस सर्विस को शुरू करने की काफी जरूरत महसूस की है। हमारा लक्ष्य मुसीबत के समय सुरक्षित ढंग से लोगों तक कैश पहुंचाना सुनिश्चित करना है। हम सभी अपने परिवार की भलाई, खासतौर से पैरंट्स और बुजुर्ग रिश्तेदारों की सुरक्षा के लिए चिंतित है। उन तक आवश्यक सामान और सुविधाएं पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। कैश की सुविधा पहुंचाने से उन्हें दिल और मन से सुरक्षित महसूस कराया जा सकेगा और उन्हें महत्वपूर्ण सुरक्षा घेरे में लिया जा सकेगा। हम अपने 20 हजार कर्मचारियों और सहायकों की टीम के मजबूत सहयोग से यह सर्विस देने में सक्षम हो सकेंगे। हमारे कर्मचारियों और सहायकों ने यह सर्विस लॉन्च करने में 24 घंटे पूरी तरह जुटकर हमारी मदद की है। हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को सर्विस देने के लिए अधिक से अधिक बैंकिंग पार्टनर्स को इस सेवा से जोड़ रहे हैं।”



‘सीएमएस कैश2होम’ सर्विस शुरू करने का इससे बेहतर समय नहीं हो सकता था। यही वह समय है, जब ज्यादातर नागरिकों को अपने बिलों का भुगतान करने के लिए रुपये की जरूरत होती है। इसी समय लोग अपनी महीने की सैलरी निकालते हैं और अपना बिल भरते हैं। सबसे जरूरी बात तो यह है कि इस सर्विस से वरिष्ठ नागरिकों से संपर्क किए बिना उन तक कैश पहुंचाया जा सकेगा, जिन्हें आज के दौर में कोरोना वायरस के विभिन्न समुदायों तक फैलने के खतरे से सुरक्षित रखने की जरूरत है। इससे पहले सीएमएस ने 2016 में नोटबंदी के दौरान ‘सीएमएस एटीएम फाइंडर ऐप’ लॉन्च किया था, जिससे लोगों को उस एटीएम का पता लगाने में मदद मिलती थी, जिसमें कैश उपलब्‍ध हो।



‘कैश2होम’ सर्विस का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ता सभी पार्टनर बैंकों की सूची  https://www.cms.com/  वेबसाइट पर देख सकते हैं। सीएमएस शुरुआत में इस सर्विस को सभी प्रमुख राज्यों में 50 लोकेशन पर लॉन्च कर रहा है, जिसका जल्द ही देश भर में 125 से ज्यादा जगहों पर विस्तार किया जाएगा। इस सर्विस को दक्षतापूर्वक प्रदान करने के लिए सीएमएस को दिस्‍टा (DISTA) इंडिया का समर्थन प्राप्‍त है जोकि एक एआइ इनेबल्‍ड लोकेशन इंटेलीजेंस प्‍लेटफॉर्म है।



सीएमएस को उम्मीद है कि 5 लाख नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इस सर्विस से वह 10 हजार रुपये का औसत ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। इस सर्विस से कुल मिलाकर 500 करोड़ रुपये की राशि का वितरण किया जा सकेगा, जिससे लोगों को अपना पैसा उनकी जरूरत के समय मिल सकेगा।



सीएमएस इंफो सिस्टम्स के विषय में

सीएमएस इंफो सिस्टम्स लिमिटेड (सीएमएस) भारत की प्रमुख मैनेजमेंट और पेमेंट सोल्यूशन कंपनी है, जो कैश की प्रोसेसिंग के साथ कैश लाने-ले जाने का काम संभालती है। यह कंपनी कार्ड से लेकर एटीएम नेटवर्क, रिटेल मैनेजमेंट और अन्य सर्विसेज का प्रबंधन करती है। सीएमएस 1 लाख 15 हजार एटीएम और रिटेल प्वाइंट्स के लिए धनराशि पहुंचाने और उनके प्रबंधन का जिम्मा संभालती है। सीएमएस कंप्यूटर्स के प्रमुख कारोबार में अधिकांश हिस्सेदारी हासिल करने के लिए ब्लैकस्टोन ग्रुप की ओर से किए गए निवेश के बाद 2009 में यह कंपनी बनाई गई थी। 2015 में एशिया की सबसे बड़ी पीई फर्म, बेरिंग पीई एशिया ने सीएमएस इंफो सिस्टम में 100 फीसदी की हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था।

Post a comment

Blogger