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हिंदुस्तान की आवाज़ समस्तीपुर राजकुमार राय

समस्तीपुर:: आखिरकार रोसड़ा शहर की दुकानें हिंसक झड़प के आठवें दिन बाद व्यवसाइयों के द्वारा खोली गयी। हिंसक झड़प के बाद लगातार रोसड़ा शहर की दुकानें व्यवसाइयों के द्वारा बंद रखा गया था। व्यवसाइयों का कहना था कि बेकसूर लोगों को जब तक छोड़ा नहीं जाएगा तब तक व्यवसायी लोग अपनी अपनी दुकानें बंद रखेंगे, और प्रशासन ने व्यवसायियों से अनुरोध किया था कि आप लोग अपनी-अपनी प्रतिष्ठान खोलें और आप लोग इस बात को अपने मन से निकाल दें कि जो लोग बेकसूर होंगे उन्हें इस मामले में पकड़ा जाएगा , इस मामले में पहले ही कह चुके है कि जो लोग इस मामले में संलिप्त होंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा, और जो लोगों का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं उन्हें फसाया भी नहीं जाएगा ।इसके बावजूद भी व्यवसायी लोग नहीं माने थे और अपनी अपनी दुकानें बंद रखे थे । लेकिन मंगलवार के दिन पुरी शहर की दुकानें खुली, पर पूर्व की भांति मंगलवार को सड़कों पर ग्राहकों की भीड़ नजर नहीं आई ।अब रोसड़ा की स्थिति पूर्ण रुप से सामान्य नजर आ रही है ,लेकिन किसी भी तरह के अप्रिय घटना को लेकर अब भी प्रशासन के द्वारा पुलिस फ़ोर्स रोसड़ा शहर के चौक-चौराहों पर तैनात  है। बता दें कि बीते सोमवार के दिन मूर्ति विसर्जन के दौरान किसी व्यक्ति के द्वारा मां की प्रतिमा पर चप्पल उछाला गया था ,विसर्जन के बाद अगले दिन सुबह से ही कुछ बाहरी लोगों के बहकावे में आकर लोगों ने रोसड़ा शहर के मस्जिदों में तोड़फोड़ करना शुरू कर दिए, तथा पुलिस फोर्स पर पत्थरबाजी किया गया। पत्थरबाजी में थानाध्यक्ष बृज नंदन मेहता व एएसपी  सहित अन्य पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे। उसके बाद प्रशासन के द्वारा शहर में धारा 144 लगा दिया गया था, तथा शांति समिति की बैठक के बाद  सही कार्यवाइ के आश्वासन देकर व्यवसाइयो से दुकानें खोलने की बातें कही थी, तथा भाईचारा बनाए रखने का भी अनुरोध किया गया था ।लेकिन व्यवसायी लोगों के द्वारा दुकानें नहीं खोली गई थी उसके बाद अगले दिन से पुलिस तोड़फोड़ करने वाले कुछ लोगों को पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद व्यवसाई लोगों का कहना था कि  जितने भी लोगों को पकड़ा गया है एफ आइ आर में नाम दर्ज किया गया है उनमें से कुछ लोग बेकसूर हैं जिन्हें छोड़ दिया जाए। प्रशासन के द्वारा नहीं मांनने पर व्यवसाइयों ने कहा  था कि जब तक निर्दोष लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा तब तक  अनिश्चितकालीन  रोसरा शहर की दुकानें बंद रखी जाएगी,  यह निर्णय व्यवसाइयों ने एक निजी  बैठक करके लिया था । उसके बाद प्रशासन ने  व्यवसायियों को भरोसा दिया था, कि जो भी लोग निर्दोष होंगे उन्हें छोड़ दिया जाएगा। लेकिन  उस वक्त लोगों ने नहीं माना और अपनी अपनी दुकानें बंद  रखा। और अब   आठवें दिन यानी कि मंगलवार के दिन  सभी व्यवसाइयों ने दुकानें  खोली  ।पुरी शहर में इक्का-दुक्का दुकान कहीं-कहीं पर अब भी बंद पड़ी हुई है । इस हिंस्क झड़प व तोर फोड़ के मामले में रोसरा पुलिस के द्वारा 54 ज्ञात व 1000 अज्ञात लोगों पर एफ आइ आर दर्ज की गई है, जिसमें से कुछ ज्ञात अभियुक्तों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है ।

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