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मुंबई/हिन्दुस्तान की आवाज/शमा ईरानी 

मुंबई, ग्लोबल केयर फाउंडेशन ने मुम्बई के इस्लाम जिमखाना के सहयोग से  "टूगेदर लेटस फ्री प्रिज्नर्स" विषय पर वार्षिक कार्यक्रम इस्लाम जिमखाना के सेलिब्रेशन हॉल में आयोजित किया। यह कार्यक्रम वंचित कैदियों की रिहाई, पुनर्वास को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित था, जिसमें न्याय, गरिमा और करुणा के मूल्यों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

पवित्र रमज़ान माह के निकट आने के अवसर पर, फाउंडेशन ने ज़कात के प्रभावी उपयोग पर भी प्रकाश डाला, जिसके माध्यम से निर्धन और असहाय कैदियों की रिहाई संभव बनाई जा सकती है। विशेष रूप से वे कैदी जो गरीबी के कारण वकील की भारी फीस या नकद ज़मानत राशि अदा करने में असमर्थ होने के कारण कारावास में हैं। इस पहल का उद्देश्य ज़कात को ऐसे कार्यों में उपयोग करना है जिससे सीधे तौर पर स्वतंत्रता, गरिमा और आशा की पुनःस्थापना हो सके।
इस वार्षिक कार्यक्रम में प्रख्यात अधिवक्ता, सामाजिक नेता, सामाजिक कार्यकर्ता तथा वे शुभचिंतक उपस्थित रहे जो आपराधिक न्याय सुधार और मानवीय हस्तक्षेप से जुड़े प्रयासों का निरंतर समर्थन करते आए हैं। इस अवसर पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों में शामिल थे ज़फ़र सरेशवाला, कैसर ख़ालिद, आईपीएस समीर सिद्दीकी, अधिवक्ता यूसुफ मुच्छाला, अधिवक्ता मुबीन सोलकर, मुफ़्ती अशफ़ाक़ काज़ी और एडवोकेट युसुफ अब्राहानी. 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्लोबल केयर फाउंडेशन के संस्थापक आबिद अहमद कुंदलम ने कैदियों के कल्याण और पुनर्वास के प्रति संस्था की प्रतिबद्धता तथा वर्षों में प्राप्त ठोस उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा: “हमारे प्रयास केवल जेल की दीवारों से मुक्ति तक सीमित नहीं हैं। हम कैदियों को सामाजिक कलंक से मुक्त करने, उनकी गरिमा को पुनः स्थापित करने और उन्हें एक सार्थक जीवन की नई शुरुआत का अवसर प्रदान करने के लिए कार्य करते हैं। सामाजिक रूप से जिम्मेदार दानदाताओं के सहयोग और ज़कात के उचित उपयोग के माध्यम से, ग्लोबल केयर फाउंडेशन अब तक 1,500 से अधिक कैदियों की रिहाई में सफल रहा है। यही सच्चा न्याय है।”
अधिक जानकारी के लिए ईमेल किया जा सकता है admin@globalcarefoundation.com

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