चार दिन में पूरी जानकारी प्रस्तुत करने का आदेश|
भिवंडी। एम हुसेन। – भिवंडी के मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर दर्ज फर्जी मतदताओं के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाई है | हाई कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को चार दिन में उक्त पूरी जानकारी प्रस्तुत करने का आदेश दिया है | साथ ही यह चेतावनी दी है कि “वरना वह भिवंडी मनपा का चुनाव रद कर देगी’ | हाई कोर्ट के इस कड़े आदेश की वजह से बोगस दस्तावेज देकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने वालों में हडकंप मचा हुआ है |
गौरतलब हो कि पद्मानगर क्षेत्र के शिवसेना विभाग प्रमुख संजय काबूकर ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है | याचिका में दावा किया गया है कि भिवंडी के प्रभाग क्रमांक-17 पद्मानगर में बोगस दस्तावेज लगाकर, ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग तीन हज़ार लोगों के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराए गए हैं | इस मामले की शुरुआती सुनवाई 21 मार्च को करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को फटकार लगाते हुए अगली सुनवाई 3 अप्रैल को बोगस मतदाताओं की वस्तुस्थित प्रस्तुत करने का आदेश दिया था | परंतु चुनाव विभाग के अधिकारियों ने हाई कोर्ट के उस आदेश को नज़र अंदाज़ करते हुए बोगस मतदाताओं के मामले में कोई जानकारी उपलब्ध नही कराई | जिसके कारण सोमवार को हाई कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची में दर्ज किए गए बोगस नाम के मामले में शुक्रवार 7 अप्रैल तक पूरी जानकारी प्रस्तुत की जाए, वर्ना भिवंडी मनपा का चुनाव रद्द कर दिया जाए | बता दें कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर दर्ज कराए गए फर्जी मतदाताओं का नाम निकालने के लिए मनपा के पूर्व विरोधी पक्ष नेता सिद्धेश्वर कामूर्ती ने भी हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की है | इस दूसरी याचिका की सुनवाई 3 अप्रैल को होनी थी परंतु उसकी सुनवाई अब 4 अप्रैल को कोर्ट के समक्ष हुई | इस याचिका में यह भी कहा गया है कि प्रभाग क्रमांक-18 में लगभग तीन हज़ार मतदाताओं के नाम फर्जी तरीके से मतदाता सूची में दर्ज कराए गए हैं | इस मामले में चुनाव आयोग को गुमराह किया गया है | इसमें अजंता कंपाउंड, धामनकर नाका, गौरीपाडा, तेलीपाडा, कनेरी, नारपोली एवं विठ्ठल नगर क्षेत्र के दो हज़ार से ढाई हज़ार मतदाता कई वर्ष पूर्व ही यहाँ से घर छोड़कर कामतघर, ओसवालवाड़ी, रेलवे स्टेशन रोड, अंजूरफाटा आदि क्षेत्रों में रहने के लिए चले गए हैं | काफी परिवार ठाणे एवं मुंबई जाकर बस गए हैं | इस तरह से दोनों वार्डों में घर छोड़कर जा चुके लोगों के नाम तथा ग्रामीण भाग के लोगों के नाम बोगस पहचान पत्र द्वारा मतदाता सूची में दर्ज कराने की धांधली की गई है | इस मुद्दे को लेकर शिवसेना ने बड़ा जुलूस निकाल कर भिवंडी प्रांत अधिकारी व भिवंडी तहसीलदार को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग भी की थी |उक्त दोनों याचिका पर सुनवाई आगामी 7 अप्रैल को बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष होगी
भिवंडी। एम हुसेन। – भिवंडी के मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर दर्ज फर्जी मतदताओं के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाई है | हाई कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को चार दिन में उक्त पूरी जानकारी प्रस्तुत करने का आदेश दिया है | साथ ही यह चेतावनी दी है कि “वरना वह भिवंडी मनपा का चुनाव रद कर देगी’ | हाई कोर्ट के इस कड़े आदेश की वजह से बोगस दस्तावेज देकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने वालों में हडकंप मचा हुआ है |
गौरतलब हो कि पद्मानगर क्षेत्र के शिवसेना विभाग प्रमुख संजय काबूकर ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है | याचिका में दावा किया गया है कि भिवंडी के प्रभाग क्रमांक-17 पद्मानगर में बोगस दस्तावेज लगाकर, ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग तीन हज़ार लोगों के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराए गए हैं | इस मामले की शुरुआती सुनवाई 21 मार्च को करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को फटकार लगाते हुए अगली सुनवाई 3 अप्रैल को बोगस मतदाताओं की वस्तुस्थित प्रस्तुत करने का आदेश दिया था | परंतु चुनाव विभाग के अधिकारियों ने हाई कोर्ट के उस आदेश को नज़र अंदाज़ करते हुए बोगस मतदाताओं के मामले में कोई जानकारी उपलब्ध नही कराई | जिसके कारण सोमवार को हाई कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची में दर्ज किए गए बोगस नाम के मामले में शुक्रवार 7 अप्रैल तक पूरी जानकारी प्रस्तुत की जाए, वर्ना भिवंडी मनपा का चुनाव रद्द कर दिया जाए | बता दें कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर दर्ज कराए गए फर्जी मतदाताओं का नाम निकालने के लिए मनपा के पूर्व विरोधी पक्ष नेता सिद्धेश्वर कामूर्ती ने भी हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की है | इस दूसरी याचिका की सुनवाई 3 अप्रैल को होनी थी परंतु उसकी सुनवाई अब 4 अप्रैल को कोर्ट के समक्ष हुई | इस याचिका में यह भी कहा गया है कि प्रभाग क्रमांक-18 में लगभग तीन हज़ार मतदाताओं के नाम फर्जी तरीके से मतदाता सूची में दर्ज कराए गए हैं | इस मामले में चुनाव आयोग को गुमराह किया गया है | इसमें अजंता कंपाउंड, धामनकर नाका, गौरीपाडा, तेलीपाडा, कनेरी, नारपोली एवं विठ्ठल नगर क्षेत्र के दो हज़ार से ढाई हज़ार मतदाता कई वर्ष पूर्व ही यहाँ से घर छोड़कर कामतघर, ओसवालवाड़ी, रेलवे स्टेशन रोड, अंजूरफाटा आदि क्षेत्रों में रहने के लिए चले गए हैं | काफी परिवार ठाणे एवं मुंबई जाकर बस गए हैं | इस तरह से दोनों वार्डों में घर छोड़कर जा चुके लोगों के नाम तथा ग्रामीण भाग के लोगों के नाम बोगस पहचान पत्र द्वारा मतदाता सूची में दर्ज कराने की धांधली की गई है | इस मुद्दे को लेकर शिवसेना ने बड़ा जुलूस निकाल कर भिवंडी प्रांत अधिकारी व भिवंडी तहसीलदार को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग भी की थी |उक्त दोनों याचिका पर सुनवाई आगामी 7 अप्रैल को बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष होगी
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