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विरार ( आर. के. तिवारी ) 27 फरवरी 2017 से विरार से वसई शहर महानगरपालिका के सामने अखिल भारतीय सेवा भावी पत्रकार संघटन के अध्यक्ष जमीन पटेल, उपाध्यक्ष नदीम चांदिवाला, सचिव भालचंद्र होलम कार्याध्यक्ष नितीन ठाकुर, चेतना पाटील, संदीप, पालाडे, हरेश मोहिते, रितेश सिंह, मोहम्मद ताहिर एवं अन्य सहयोगी पत्रकार की मांग है कि विरार से वसई शहर महानगरपालिका के भ्रष्ट अधिकारी नगरसेवक, इंजिनीयर एवं सह आयुयत ने मिलकर अवैध बांधकाम करवाते है और उसमें अपने मेहन की कमाई करते है। गरीब जनता उनका कष्ट झेलती है। तथा उन्हे न तो पानी की सुविधा, रोड की व्यवस्था, अवैध काम करनेवाले बिल्डरों को महानगपालिका के भ्रष्ट अधिकारी का कुछ ले-देकर कर देते है।
पत्रकार जब आवाज उठाता है तो महानगरपालिका अभ्यिंता के कान पर जूं तर नही रेंगता और मौन अंधे हो जाते है। बहुत सारे बिल्डर पर एमआरटीपी लगा, जेल गये। फिर भी उसके द्वारा अवैध निर्माण बिल्डिंग अभी तक तोडक कार्यवाही नही की गई है। अखिल भारतीय सेवा भावी संगठना लिखित रुप से भी कई बार शिकायत कर चुके है। लेकिन अभी तक शासन-प्रशासन की कुंभकरण की नींद जैसे शो रहे है। इसके लिए धरना प्रदर्शन किया गया जो कि 27-02-2017 से अनिश्‍चित काल के लिए बैठे गये है। जब तक जनता को न्याय और अवैध निर्माण करवाने वाले अधिकारी को दंडित नही किया जाऐगा। तब तक पत्रकार लोग संघर्ष करते रहेगे।
भू माफियाओ को फोन कर सब हाल भ्रष्ट अधिकारी देते है। तथा चुनाव आता है तो उन्हे संपत्ति का ब्यौरा दिखाया जाता है। जो की पांच वर्ष के बाद भी उनके संपती की जांच नही हो रही है। और नही भ्रष्ट अधिकारियो की जांच हो पा रही है। वन विभाग के जमीन पर जब अवैध निर्माण होता है तो ययो जिम्मेदार अधिकारी अपने कान में रुई डालकर सोते रहते है?
आम जनता और पत्रकारो की मांग है कि जितने वसई-विरार के नगरसेवक, इंजिनीयर, सह-आयुयत की संपत्ती की जांच होगी तो ही सङ्खाई सामने आ पायेगा। सरकार द्वारा जनता को जो सुविधा दिया जाता है उसे भ्रष्ट अधिकारी आपस में बांट लेते है तथा जनता को उन्ही की हाल पर छोड देते है।

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