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भिवंडी मनपा क्षेत्र  में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में मनपा प्रशासन पूर्ण रूप से असफल साबित हो रहा है।जिसके कारण शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बड़ी तेजी से बढती जा रही है ।इस संदर्भ में सपा विधायक रईस  कासम शेख ने कहा कि भिवंडी में कोरोना संक्रमित मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है ,जिससे लोग इधर-उधर उपचार के लिए  भाग रहे हैं और लोगों में भय का वातावरण व्याप्त है । मनपा आयुक्त द्वारा कोविड एवं नॉन कोविड मरीजों के उपचार की सुविधा को लेकर सरकार को गलत जानकारी दी जा रही है ऐसा करने का कारण समझ में नहीं आ रहा है ।
    उल्लेखनीय है कि  भिवंडी में दिन प्रतिदिन   बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या को लेकर विधायक रईस शेख ने कहा कि कोरोना संक्रमण को नियंत्रण करने में भिवंडी मनपा पूर्ण रूप से असफल हो चुकी है। जिसके कारण शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बड़ी तेजी से बढ़ रही है, जो शहरियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के  वरिष्ठ  अधिकारियों को दिये गये पत्र में बताया है कि कोरोना के नियंत्रण में मनपा प्रशासन आज तक असफल है। अभी तक आईजीएम उपजिला अस्पताल के 100 बेड में ऑक्सीजन नहीं लग पाया है, मनपा की अव्यवस्था के चलते जो दवाखाने चल रहे थे वह भी बंद हो गये हैं।उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिये एमएमआर रीजन में 21 वेंटीलेटर दिये गये थे ।जिसमें से 6 वेंटीलेटर केवल भिवंडी के आईजीएम उपजिला अस्पताल को दिया गया था परंतु आईजीएम का काफी बुरा हाल है। उपचार  की कोई व्यवस्था न होने के कारण मरीज इधर-उधर उपचार  के लिए भाग रहे हैं। 
    विधायक शेख ने दुःख व्यक्त करते हुये कहा  कि कोरोना संक्रमित मरीजों को सबसे अधिक आवश्यकता ऑक्सीजन की होती है, आईजीएम में  केवल 4 वेंटीलेटर था ,
 राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता के आधार पर आईजीएम उपजिला को 6 वेंटीलेटर दिया गया था, लेकिन मनपा की घोर लापरवाही के कारण राज्य सरकार द्वारा दिया गया 6 वेंटीलेटर अभी तक नहीं लग पाया है।अस्पताल में स्टॉफ की भी कमी है। अस्पताल की पूरी जवाबदारी मनपा प्रशासन की होती है, मनपा आयुक्त को जमीनी स्तर पर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने मनपा आयुक्त डॉ. प्रवीण आष्टीकर से आईजीएम उप जिला अस्पताल  जा करके उसमें सुधार करने का अनुरोध किया है । विधायक शेख द्वारा  मनपा आयुक्त के साथ आईजीएम एवं अन्य निजी अस्पतालों का दौरा करने के बाद मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिये दो दिन का समय दिया गया है।   
    मनपा द्वारा आईजीएम उपजिला अस्पताल को कोविड 19 का अस्पताल बनाये जाने के बाद नॉन कोविड मरीजों के  उपचार के लिए मनपा आयुक्त द्वारा 4 निजी अस्पतालों को लेने की जानकारी दी गई थी ।इस संदर्भ में मनपा आयुक्त डॉ. प्रवीण आष्टीकर ने महीनों पहले सरकार को सूचित कर दिया था कि नॉन कोविड मरीजों को 4 निजी अस्पतालों में उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। लेकिन दो अस्पताल अभी मंगलवार को शुरू हुये हैं तथा  अन्य दो अस्पतालों का अभी कोई पता ही नहीं है।जिसके कारण शहर के नॉन कोविड मरीजों को  उपचार  की कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है।इसी प्रकार  भिवंडी मनपा में डॉक्टरों सहित चिकित्सा कर्मियों की भी भारी कमी है। विधायक शेख ने बताया कि भिवंडी मनपा द्वारा उन्हें काफी कम वेतन दिया जाता है,जिसके कारण कोई अच्छा डॉक्टर यहां काम  करने के लिए तैयार नहीं है। भिवंडी मनपा को भी एमएमआर की तरह ही डॉक्टरों को वेतन दिया जाना चाहिये।वहीं  मनपा स्थायी समिति की होने वाली बैठकों को लेकर विधायक शेख ने कहा कि स्थायी समिति की बैठक प्रायः होती है।लेकिन उसमें कोरोना संक्रमित मरीजों के  उपचार  की सुविधा के लिए चर्चा करने के बजाय  काली सूची  वाले ठेकेदारों को काली सूची से निकालकर उनकी धुलाई करके सफेद किया जाता है ,जबकि उक्त  काली सूची वाले  ठेकेदार को पूर्व 013 से मनपा प्रशासन तथा महाराष्ट्र शासन द्वारा  काली सूची में  डाल दिया  गया है जिस पर मनपा स्थायी समिति इतनी मेहरबान हो गई है, जिसका कारण इनके अलावा किसी को समझ में नहीं आ रहा है।यह एक प्रकार से कफ़न चोरी का काम किया जा रहा है।जबकि आज इस महामारी के समय में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार संबंधित व कोरोना वायरस के बढते संक्रमण को रोकने के लिए गंभीरतापूर्वक विचार व उपाय योजना का आयोजन  करने की  अति आवश्यकता थी परंतु  इस संदर्भ  में कोई मुद्दा नहीं उठाया जाता है जो बड़े आश्चर्य की बात है  । 

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