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संगठन के प्रयासों  से कार्यकारी अभियंता एल.पी. गायकवाड़ ने दिया  आश्वासन ।

 भिवंडी।एम हुसेन। भिवंडी मनपा जलापूर्ति विभाग में वॉलमैन का काम करने वाले
  ठेका मजदूरों को नये अनुबंध में शामिल कर लिया गया है। जिसके तहत ठेका पर काम करने वाले उन मजदूरों को जुलाई से अक्टूबर तक चार महीने का बकाया न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार दिया जायेगा ,उक्त जानकारी जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता एल.पी.गायकवाड़ ने श्रमजीवी संगठन के शिष्टमंडल के साथ हुई एक विशेष बैठक में दी है ।|
  बतादें कि श्रमजीवी संगठन की मांग पर मनपा जलापूर्ति विभाग में पिछले 15 वर्षों से वॉलमैन एवं बोरवेल मरम्मत का काम करने वाले मजदूरों को जुलाई महीने से ही नये अनुबंध में शामिल करके उन्हें न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत वेतन देने के लिये मनपा ने मंजूरी दिया था ।जिसके लिये श्रमजीवी संगठन के उपाध्यक्ष दत्तात्रय कोलेकर,महासचिव ज्ञानेश्वर शिर्के,जिलाध्यक्ष अशोक साप्टे एवं एड.रोहिदास पाटील ने मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर मांग किया था कि न्यूनतम वेतन योजना में शामिल किये जाने वाले किसी भी मजदूर को हटाया न जाये ।श्रमजीवी संगठन ने मनपा को चेतावनी देते हुये कहा था कि जलापूर्ति विभाग में ठेका पद्धति पर काम करने वाले मजदूरों को यदि नये अनुबंध में प्रमुखता से शामिल नहीं किया गया तो मनपा प्रशासन के विरुद्ध जोरदार आंदोलन किया जायेगा ।

   श्रमजीवी संगठन की मांग को गंभीरता से लेते हुये मनपा आयुक्त डॉ. प्रवीण आष्टीकर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को बैठक लेकर मजदूरों की समस्याओं को हल करने का निर्देश दिया था।जिसके तहत श्रमजीवी संगठन के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता एल.पी.गायकवाड़ ने ठेका पद्धति पर काम करने वाले वॉलमैनो एवं बोरबवेल की मरम्मत करने वाले मजदूरों को नये अनुबंध में शामिल करके न्यूनतम वेतन योजना के तहत जुलाई से अक्टूबर तक चार महीने का वेतन एक सप्ताह के अंदर उनके बैंक खाता में जमा करने का आश्वासन दिया है ।उन मजदूरों को पहचान पत्र,न्यूनतम वेतन योजना में शामिल बोरवेल का मरम्मत करने वाले मजदूरों के काटे गये वेतन के अंतर की रकम भी दी जायेगी  इस बैठक में जलापूर्ति विभाग के शाखा अभियंता संदीप पटनावर सहित श्रमजीवी संगठन के उपाध्यक्ष दत्तात्रय कोलेकर,महासचिव दिलीप गोतरने,रोहिदास पाटील, मजदूर प्रतिनिधि कमलाकर गोरले एवं रंगनाथ तरे आदि लोग उपस्थित

 थे ।
    एड. रोहिदास पाटील ने बताया कि श्रमजीवी संगठन जलापूर्ति विभाग में ठेका पद्धति पर पिछले 15 वर्षों से बोरवेल,पाईपलाइन मरम्मत एवं वॉलमैन का काम करने वाले मजदूरों को नये अनुबंध के तहत न्यूनतम वेतन देने के लिये पिछले दो वर्षों से मांग कर रहा था।संगठन के पदाधिकारी इसके लिये मनपा से पत्र व्यवहार करने के साथ मनपा मुख्यालय के सामने कई बार धरना आंदोलन कर चुके हैं। लेकिन मजदूरों की समस्याओं को मनपा आयुक्त डॉ. प्रवीण आष्टीकर ने मनपा के इतिहास में पहली बार गंभीरता से लिया है। जिसके लिये श्रमजीवी संगठन ने उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुये उनका अभिनंदन किया है ।
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