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 संवाददाता,भिवंडी। भिवंडी में लगभग 13 वर्ष पहले बिजली चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने के कारण नागांव के एक पावरलूम मालिक को ठाणे जिला सत्र न्यायालय ने जहां दो वर्ष की कड़ी सजा सुनाई है वहीं इस बिजली चोरी में शामिल दो अन्य लोगों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया  है ।
  पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व सन 2006 में नागांव स्थित साईबाबा कंपाउंड में मो.नजीर खान (52) का पावरलूम कारखाना था।| जिसमें चोरी की बिजली आपूर्ति कर   उपयोग किया जा रहा था, पावरलूम मालिक मो. नजीर खान अपने अन्य सहयोगियों  के साथ पावरलूम कारखाने में बिना एमएसईबी के मीटर के शीघ्र रूप से बिजली का केबल लगाकर पावरलूम कारखाना चला रहे थे। पावरलूम कारखाने में चोरी की बिजली का उपयोग करने की जानकारी मिलने पर महाराष्ट्र राज्य विद्युत मंडल के सतर्कता विभाग ने 26 सितंबर को पावरलूम कारखाने में बिजली चोरी करते हुए रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद बिजली चोरी का मामला दर्ज करा दिया गया था। सतर्कता विभाग ने उस समय पावरलूम मालिक मो. नजीर खान सहित रजीउद्दीन खान एवं आशीर खान के विरुद्ध भी बिजली चोरी का मामला दर्ज कराया था।जिसकी सुनवाई करते हुए ठाणे जिला सत्र न्यायाधीश पी.पी.जाधव ने पावरलूम मालिक मो.नजीर खान को बिजली चोरी में दोषी पाने के बाद   उन्हें दो वर्ष की सजा सुनाया है। वहीं साक्ष्य के अभाव में उक्त बिजली चोरी में शामिल अन्य दो लोगों को बरी कर दिया है। जिला सत्र न्यायालय ने पावरलूम मालिक मो.नजीर खान को धारा भारतीय बिजली अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत दोषी पाए जाने पर  उक्त सजा सुनाई है ।   
       

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