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राधेश्याम सिह
पालघर : जिले भर में पुलिस द्वारा पत्रकारों के उत्पीड़न की घटित हो रहीं घटनाओं के विरोध में पत्रकारों ने पुलिस के रवैये पर आक्रोश जताते हुए सैकड़ो पत्रकारों ने पालघर पुलिस थाने के सामने प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की और दोषी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्यवाही की मांग की जिसके बाद पालघर जिला पत्रकार समन्वय समिति और पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ सिंगे के बीच बैठक हुई जिसमे पत्रकार राम परमार व मो.हुसैन खान पर पालघर पुलिस द्वारा दर्ज किए गए फर्जी मामले को वापस लेने की मांग के साथ ही दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्यवाही करने की मांग की गई पत्रकारों ने इस तरह की घटनाओं को लोकतंत्र में शर्मनाक बताते हुए लोकतंत्र के चतुर्थ स्तम्भ पर कुठाराघात बताया दोनो पक्षो के बीच हुई बैठक में कोई रास्ता नही निकल सका जिसके बाद पालघर जिला पत्रकार संघ, प्रेस क्लब वसई विरार, वसई विरार महानगर पालिका पत्रकार संघ, मराठी पत्रकार परिषद, क्राइम रिपोर्टर विलफेयर एशोसियन सहित करीब दर्जन भर पत्रकार संघठनो ने नागपुर विधानसभा के सामने अर्धनग्न चड्डी बनियानी में आंदोलन करने का ऐलान किया है मालूम हो की 21 जून को पुलिस को वाघोभा खिंडी घाट पर डकैतों द्वारा कुछ गाड़ियों पर पत्थर से हमले की जानकारी मिली जिसके बाद मौके पर पहुची पुलिस की और डकैतों की मुठभेड़ हो गयी जिसमे पुलिस ने कई राउंड गोलियां थी सनसनी खेज घटना की जानकारी मिलने के बाद पत्रकार हुसैन खान व राम परमार जब पुलिस और डकैतों से मुठभेड़ व गोलीबारी की जानकारी लेने पुलिस थाने पहुँचते और वह दोनो फोटोग्राफी कर ही रहे थे तभी विवादित उपनिरीक्षक तौफीक सैयद पत्रकारों पर टूट पड़े और उनके साथ मारपीट करने और जब राम परमार बीच बचाव करने गए तो दोनो को लॉकअप में डाल दिया गया विवाद बढ़ने के बाद राम परमार को छोड़ दिया गया जिसके बाद पुलिस ने देर रात दोनो पत्रकारों के विरुद्ध सरकारी कार्य मे बाधा पहुचाने 353,506 का फर्जी मामला दर्ज कर दिया था!

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