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क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बहुत बढ़ गया है। ग्रामीण किसानों का मानना है कि बरसात के दिनों में जिस क्षेत्र में बारिस व बाढ़ का पानी भर जाता है वहां ठंडी खत्म होते ही मच्छरों का प्रकोप तेजी से फैलने लगता है। यही कारण है कि मच्छरों से लोगों की परेशानी बढ़ गई है ग्रामीणों ने सरकार से  मच्छरों की रोकथाम के लिए दवा  छिड़काव की मांग की है।

बताते चले कि
ग्रामीण क्षेत्रो में नालियां गंदे पानी से भरी नजर आती है सफाई कर्मी भी 2 से 3 महीने में कभी कभी जाते है और ग्रामीणों का कहना है कि नाली की सफाई करके मलवे को निकाल कर वही इकट्ठा कर देते है जिसके कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है वही जगह-जगह जलभराव होने की वजह से भी मच्छरों को पनपने का भरपूर मौका मिलता है। ग्रामीणों का कहना है कि मच्छरों को मारने के लिए कीटनाशक दवाओं के छिड़काव को लेकर  स्वास्थ्य विभाग की तरफ से वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में आज तक कोई ठोस कदम नही उठाया गया है। जबकि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान एवं एएनएम के सम्मिलित खाते मे प्रति वर्ष सरकार द्वारा 10,000 रूपये संक्रामक बीमारियों ,मच्छरो के बढते प्रकोप सेे बचाव एवं उनकी दवा का छिड़काव आदि के लिए दिया जाता है लेकिन विभागीय लापरवाही एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते पूरा का पूरा पैसा हजम किया गया दवा का छिड़काव केवल कागजो पर किया गया नालियों में नही इसकी हकीकत जानने के लिये अब सरकार को ही कोई निर्णय लेना होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि वर्षों से मच्छरों के बढते प्रकोप के चलते भी दवाओं का छिड़काव नहीं हुआ है। इसी कारण शाम ढलते ही मच्छरों का आतंक बढ़ जाता जो कि घातक बीमारियों का कारण बना हुवा है। उम्मरपुर पीतम,दबौली,जाजामऊ गैर अहतमली,जाजामऊ अहतमली,समसपुर अटीया कबूलपुर,झुलूमऊ, आदि ग्रामसभा के ग्रामीण वाशियों से जिनमें-प्रेमशंकर, महेश,पप्पू,दिनेश,राजाराम,सुशील,नीलेश,लुक्का,जाबिर,जामिन,जगन्नाथ,देशराज,कामता, सादुल्ला,नवीराजा,छोटेलाल,आदि लोगों ने बताया कि मच्छरों की वजह से बीमारियों से हम जुझ रहे है मगर कोई इसपर ध्यान नही देरहा है।जिनके कारण जनता में आक्रोश पनपता नजर आ रहा है।।

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