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सीडब्लूसी मेंबर व आउटरीच कमेटी यूपी प्रभारी तिवारी ने हाथरस मे बिटिया के साथ बर्बरता पर प्रशासन की असंवेदनशीलता पर उठाया सवाल, बोले-अब यूपी सरकार को एक पल भी सत्ता मे रहने का अधिकार नही


लालगंज-प्रतापगढ़। कंाग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य व प्रदेश आउटरीच कमेटी के प्रभारी प्रमोद तिवारी ने हाथरस की बेटी के साथ शर्मशार करने वाली दुष्कर्म की घटना के बाद उसकी दर्दनाक मौत को देश व दुनिया की इंसानियत के लिए शर्मनाक होना करार दिया है। श्री तिवारी ने पीडिता के परिजनों के द्वारा लगाए गये आरोपो के हवाले से कहा कि जिस तरह से पीडिता के पिता व भाई को अस्पताल से बाहर करते हुए प्रशासन ने उनसे लगातार यह झूठ बोलता रहा कि उसकी बेटी अस्पताल के अंदर है और परिवार को धता बताते हुए प्रशासन मृतका के पार्थिव शरीर को बिना परिजनों को बताए हाथरस लेकर चला गया। बुधवार को मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से यहां जारी बयान मे सीडब्लूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने इसे बेहद अफसोसजनक बताया कि हाथरस मे भी मृतका पीडिता की मां और परिवार के लोग अपनी बेटी के अंतिम दर्शन की प्रशासन से भीख मांगते रहे और बेटी के शव को घर की देहरी पर ले जाने के लिए गिडगिडाते रहे किंतु लालफीताशाही के चलते प्रशासन ने मृत बेटी के शव को एक खेत मे ले जाकर रात ढाई बजे लकडी पर पेट्रोल डालकर जला दिया। उन्होने कहा कि इतिहास मे प्रशासन का इससे पहले कभी इतना खौफनाक और क्रूर असंवेदनशील चेहरा अब तक सामने नही आया है। आउटरीच कमेटी के यूपी प्रभारी प्रमोद तिवारी ने सरकार व प्रशासन से कड़वा सवाल दागा है कि क्या मृतक बेटी का यही दोष था कि वह एक दलित परिवार की गरीब मां-बाप की बेटी थी? उन्होने तंज कसा कि काश किसी अमीर व शक्तिशाली परिवार की कोई अन्य बेटी होती तो ऐसे मे प्रशासन ऐसा दुस्साहस शायद कभी न कर पाता। कांग्रेस वर्किग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि दलित बेटी के अंतिम संस्कार मे हिन्दू रीति का भी प्रशासन ने निर्वहन नही होने दिया और पार्थिव शरीर को मुखाग्नि देने का भी अधिकार उसके परिवार से छीनकर हिन्दू धर्म की सभी मान्यताओं को भी तोडकर अपमानित भी किया गया। उन्होनें तल्ख लहजे मे कहा कि एक दलित बेटी के अंतिम संस्कार मे जिस तरह का नंगा नाच हुआ है उससे लोकतंत्र भी शर्मसार हो उठा है। श्री तिवारी ने घटना को लेकर गृह सचिव की अध्यक्षता मे एसआईटी का गठन करने मे विलम्ब को भी गुनाह पर पर्दा डालने का सरकारी उपक्रम ठहराया। वहीं प्रमोद तिवारी ने साफ कहा कि इस बर्बर और जघन्य घटना की विशेष अदालत का गठन कर मृत्यु पूर्व बेटी के बयान और अब उसके परिजनो के बयान के अनुसार अदालत एक माह के भीतर दोषियो को फांसी की सजा सुनाए। कांग्रेस वर्किग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि हाथरस की यह घटना जिसमे एक उन्नींस वर्ष की बेटी के साथ चार चार दुर्दान्त अपराधियो ने जबरन दिनदहाडे खेत मे खींचकर जिस तरह से बलात्कार किया और प्राणघातक चोटें पहुंचाई, यह सरकार और कानून के सामने जनता का बड़ा सवाल बनकर खड़ा हुआ है। उन्होने कहा कि पीडिता को पर्याप्त चिकित्सा सुविधा भी प्रशासन का न दे पाना प्रदेश सरकार की अमानवीय चेहरे को भी उजागर कर गया है। उन्होने कहा कि इस जघन्य घटना को पूरी तरह छिपाने तथा पचाने के साथ प्रशासन द्वारा रात के अंधेरे मे जबरिया एक मासूम बेटी के शव का अंतिम संस्कार किये जाने से भी साफ हो गया है कि प्रदेश मे मौजूदा सरकार एक पल भी सत्ता मे बने रहने का अधिकार नही है।

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