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कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य तथा यूपी आउटरीच कमेटी के प्रभारी प्रमोद तिवारी ने देश तथा प्रदेश और जिले मे भी लगातार कोरोना संक्रमितो की भयावह तस्वीर सामने आने को गंभीर चिंताजनक कहा है। वहीं श्री तिवारी ने संसद मे केंद्र सरकार द्वारा लाकडाउन के दौरान प्रवासीय मजदूरो के मौत के आंकडे न होने की घोषणा को अब तक के इतिहास मे किसी भी सरकार के लिए शर्मनाक ठहराया है। वही सीडब्लूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने चक्रवाती तूफान से बड़े पैमाने पर धान की फसल की बर्बादी पर प्रदेश सरकार से विशेष पैकेज की भी मांग किया है। बुधवार को यहां जारी बयान मे प्रमोद तिवारी ने कहा कि सरकार ने पहले तो अविवेकपूर्ण लाकडाउन की घोषणा कर दी और अब हद तो तब हो गयी है कि जब इस दौरान देश भर मे भूख व प्यास से बेहाल होकर संसाधनो के अभाव मे पैदल तथा साइकिल से लंबी यात्रा करने वाले जो प्रवासी मजदूर यातना नही सह पाये और अपनी जान गंवा बैठे। श्री तिवारी ने कहा कि ऐसी स्थिति मे जबकि देश का कोई ऐसा गांव, तहसील क्षेत्र अथवा जनपद नही रहा होगा जहां प्रवासी मजदूरो की मौत का आंकडा जिला प्रशासन के पास न हो। फिर भी सरकार का यह कहना कि उसके पास मजदूरो की मौत का आंकडा नही है। बकौल प्रमोद तिवारी यह आजाद भारत मे मजदूर के जान की इस सरकार के पास कोई कीमत नही होने के सवालिया घेरे के साथ साथ एक क्रूर मजाक है। उन्होनें कहा कि यदि सरकार मरने वाले प्रवासियो मजदूरो के आंकडे इसलिए नही बता रही है कि ऐसी स्थिति मे आंकडे बताने पर कुछ प्रवासी मजदूर के पीडित परिवार को मुआवजा देना होगा तो यह भी देश की जनता के लिए नाकाबिले बर्दास्त होगा। सीडब्लूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने सरकार से कहा कि वह प्रदेश के माध्यमो से उससे जुडे जनपदो से इसके आंकडे इकटठा करे और आंकडे न होने के हास्यास्पद दावे से बाहर निकले वर्ना देश समझ रहा है कि यह भी मोदी सरकार का किसान मजदूर विरोधी चेहरा है। उन्होनें सरकार से यह भी कहा है कि इण्डियन मेडिकल एसोशिएसन ने चार सौ डॉक्टर्स तथा पैरामेडिकल स्टाफ के कोरोना काल मे लोगों की जान बचाते हुए सेवाकाल मे मौत की सूची जारी की है। ऐसे मे श्री तिवारी ने कर्तव्य का पालन करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले डाक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को शहीद घोषित करते हुए इनके परिवार केा कम से कम दो करोड़ रूपये मुआवजा दिये जाने की भी आवाज उठाई है। मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से जारी बयान मे पार्टी वर्किग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि कोरोना महामारी के पंाच माह से भी अधिक बीत जाने के बाद भी अभी तक पचीस प्रतिशत भी वेंटीलेटर की आपूर्ति नही हो सकी। उन्होनें सरकार पर आरोप लगाया कि वह आपदा को अवसर मे बदलते हुए लूट मे हाथ खडे कर बैठी है। श्री तिवारी ने सवाल उठाया कि जब चीन से टेस्टिंग किट लिया गया और इसकी पूरी तरह असफलता के चलते महाराष्ट्र व राजस्थान जैसे कई राज्यो ने उस चीनी टेस्टिंग किट को वापस कर दिये तब भी सरकार टेस्ंिटग तथा वेंटीलेटर की समुचित आपूर्ति को लेकर खामोश क्ंयू हो उठी है। वहीं प्रमोद तिवारी ने चक्रवाती तूफान से किसानो की धान की फसल की बर्बादी पर दुख जताते हुए सरकार से प्रभावित किसानो को विशेष क्षतिपूर्ति का पैकेज दिये जाने की भी मांग की है। उन्होने यूपी सरकार पर प्रदेश मे विद्युत आपूर्ति तथा खाद की कालाबाजारी को नियंत्रण करने मे अभी तक विफलता को लेकर जनता के लिए निराशाजनक कहा है।

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