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विद्यार्थी भारती संगठन ने राज्य सरकार द्वारा लिये गये ग्रेजुएट की परीक्षा को रद्द करने के निर्णय को कायम रखते हुये अनुदान आयोग के आदेश को रद्द करने के लिये बापगांव स्थित मैत्रिकुल आश्रम में गुरूवार से  यह अनशन संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्षा मंजिरी धुरी के नेतृत्व में शुरू किया गया था। इस आंदोलन की जानकारी मिलने पर राज्य की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री प्राजक्ता तनपुरे देर रात बापगांव स्थित अनशन स्थल पर पहुंचीं  और उन्होंने सांसद सुप्रिया सुले से मोबाइल पर  बातचीत  करके इसके लिये कोई रास्ता निकलने का आश्वासन दिया है।राज्य मंत्री के आश्वासन के बाद संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्षा मंजिरी धुरी ने आमरण अनशन वापस ले लिया है।
  उक्त  अवसर पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री प्राजक्ता तनपुरे ने कहा कि छात्रों की भावनाओं की जानकारी लेकर राज्य सरकार को देने के लिये वह यहां आई  थीं। राज्य सरकार छात्रों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुये उनका पक्ष केंद्र सरकार के सामने रखेगी। विद्यार्थी संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्षा माधुरी ने कहा कि राज्य सरकार ने  ग्रेजुएट छात्रों की परीक्षा न लेने के लिये सकरात्मक भूमिका लिया था। लेकिन केंद्र सरकार एवं विश्व विद्यालय आयोग के उपाध्यक्ष भूषण पटवर्धन की भूमिका छात्रों की बली लेने वाली थी। उन्होंने आमरण अनशन वापस लेने में राज्य सरकार के हस्तक्षेप के प्रति आभार व्यक्त किया है।  

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