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 भिवंडी।एम हुसेन। कोरोना वायरस के बढते  संक्रमण के साथ ही शाहपुर तालुका में कुपोषण की समस्या भी बढ़ती जा रही है।शाहपुर तालुका में कोरोना  वायरस के  61 संंक्रमित  मरीज पाये गये हैं। जिसमें 11 मरीज ठीक हो गये हैं और एक मरीज की मृत्यु हो चुकी है। कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले 632 लोगों को क्वारंटीन भी किया गया है ।इसी प्रकार  शाहपुर तालुका के 569 आंगनवाडियों में शून्य से छह वर्ष की उम्र के 90 बच्चे तीव्र कुपोषित (सैम) एवं 589 बच्चे मध्यम कुपोषित (मैम) पाये गये हैं। जिनके लिये ठोस उपाय योजना की मांग की जा रही है।
   उल्लेखनीय है कि शाहपुर तालुका में बाल विकास विभाग शाहपुर एवं डोलखांब प्रकल्प के अंतर्गत 569 आंगनवाड़ियां संचालित  हैं।जिसमें शाहपुर विभाग में शून्य से 6  वर्ष की उम्र के 13,544 बच्चे और डोलखांब विभाग में 11906 बच्चों सहित कुल 25450 बच्चे हैं। शाहपुर विभाग के तहत शून्य से 6 वर्ष उम्र के 16 बच्चे अतितीव्र कुपोषित यानी सैम और 244 बच्चे मध्यम कुपोषित यानी मैम पाये गये हैं। इसी  प्रकार  से डोलखांब विभाग में शून्य से 6 वर्ष की उम्र के 74 बच्चे तीव्र कुपोषित और 345 बच्चे मध्यम कुपोषित पाये गये हैं।दोनों विभागों में कुल 90 बच्चे तीव्र कुपोषित और 589 बच्चे मध्यम कुपोषित पाये गये हैं ।
   बतादें कि शाहपुर के दोनों प्रकल्पों में शून्य से 6  वर्ष की उम्र के बच्चों को संभालने एवं उनके आहार,स्वास्थ्य आदि की सुविधा के लिये सरकार द्वारा  सेविका,मिनी सेविका एवं सहायिका आदि की नियुक्ती की गई है। जिसके लिये शाहपुर विभाग में 208 सेविका,64 मिनी सेविका एवं 201 सहायिका की नियुक्ती की गई है। इसी  प्रकार  डोलखांब विभाग में 207 सेविका,53 मिनी सेविका एवं सहायिका की नियुक्ती की गई है।कुपोषण के शिकार सभी बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालने के लिये सामाजिक संस्था,बालविकास प्रकल्प विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक उपाय करने की मांग समाजसेवक उमेश भेरे  द्वारा  की  गई है  ।
       

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