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सेक्सवर्कर महिलाओं का एक वर्ग ऐसा है जिसे समाज द्वारा हमेशा नजरअंदाज किया जाता रहा है। यही कारण है कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिये लॉकडाउन के दौरान देह व्यापार न करने की शपथ लेनी वाली भिवंडी के हनुमान टेकड़ी की 556 सेक्स वर्कर महिलाओं के सामने भुखमरी का समय आ गया है। इन महिलाओं के पास राशन कार्ड न होने के कारण इन्हें सस्ते दर पर सरकारी राशन की दूकान से मिलने वाला राशन भी नहीं मिलता है। मजदूरों एवं जरूरत मंद लोगों को  भोजन  उपलब्ध कराने वाले भी इस बस्ती की  ओर जाने से कतराते हैं जो बडी समस्या बनी हुई  ।
    श्रमजीवी संगठन के माध्यम से डॉ  स्वाती खान पिछले पांच वर्षों से इन महिलाओं के स्वास्थ्य एवं उनकी सुरक्षा के लिये निरंतर निस्वार्थ  काम कर रही हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर समाजसेविका डॉ  स्वाती खान द्वारा जागरूक करने के बाद ही मानसरोवर  रोड स्थित हनुमान टेकड़ी की 556 सेक्स वर्कर महिलाओं ने लॉकडाउन के दौरान देहव्यापार न करने की शपथ ली थी ।डॉ  स्वाती खान के पत्र व्यवहार करने के बाद तहसीलदार शशिकांत गायकवाड़ द्वारा सेक्सवर्कर महिलाओं के लिये  खाद्य सामग्री  की व्यवस्था की गई थी । उन्होंने अन्य कई समाजसेवी संस्थाओं द्वारा भी इन महिलाओं के लिये  खाद्य सामग्री  की व्यवस्था कराया था। लेकिन लॉकडाउन का समय बढ़ने के कारण उनके पास फिर राशन की समस्या आ गई थी ।जिसे संज्ञान में लेते हुए  डॉ स्वाती खान की मांग पर ठाणे के भारत विकास परिषद द्वारा हनुमान टेकड़ी की सेक्स वर्कर महिलाओं के लिये  खाद्य सामग्री  वितरित किया गया है । यहां की महिलायें कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिये पूर्ण रूप से  लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुये  सामाजिक अंतर का  भी ध्यान रखती हैं । 

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