Ads (728x90)

 भिवंडी ।एम हुसेन।लॉकडाउन लागू किये जाने  के कारण भिवंडी से लगभग 80 प्रतिशत मजदूर अपने गांव जा चुके हैं ,मजदूरों के लिये किसी प्रकार की कोई उपाय योजना न किये जाने के कारण भिवंडी से मजदूरों का जाना थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोजनामा  हजारों की संख्या में मजदूर अपने परिवार के साथ ट्रकों एवं कंटेनर  से अपने गांव जा रहे हैं।ट्रक एवं  कंटेनर  से जाने वाले मजदूरों को यात्रा के दौरान भारी परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है और उनका शोषण भी किया जा रहा है। इसके बावजूद मजदूर किसी भी हालत में अपने गांव जाना चाहते हैं।
 पिछले लगभग 20 दिनों से मजदूर उत्तर प्रदेश,बिहार,उड़ीसा,मध्य प्रदेश एवं राजस्थान आदि  राज्यों  में अपने गांव जा रहे हैं ।लॉकडाउन के कारण सभी साधन बंद कर दिये गये हैं,मजदूर 4 से 5 हजार रूपये किराया देकर ट्रक एवं कंटेनर ,बोलेरो पिक अप आदि में जानवरों की तरह बैठकर जाने के लिये मजबूर हैं।भिवंडी से तीन विशेष श्रमिक ट्रेन भेजने के बाद सरकार द्वारा मजदूरों के जाने के लिये कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। लेकिन उन मजदूरों के परीश्रम से जो सेठ बने हैं आज उन मजदूरों की मदद करने के लिये वह भी आगे  नहीं आ रहे हैं ।यदि पावरलूम मालिक चाहते तो मजदूरों को सकुशल उनके गांव तक भेज सकते थे,लेकिन उन्होंने भी कोई उपाय योजना नहीं किया। दर्जनों कारखानों के मालिकों एवं बड़ी-बड़ी इमारतों में मार्बल एवं स्लाइडिंग आदि का काम करने वाले मजदूरों को उनकी मजदूरी तक नहीं दिया गया है। मार्बल का काम करने वाले मजदूरों  कि उन्हें पिछले तीन-चार महीने की मजदूरी नहीं दी गई है। जेब में कुछ न होने के कारण वे लोग अब गांव जा रहे है।मुंबई नासिक महामार्ग स्थित वड़पे नाका के पास मजदूरों को बिस्किट,पानी एवं फल आदि दे रहे खालिद अंसारी ने बताया कि सोमवार की रात में 10 हजार से अधिक मजदूर ट्रक एवं  कंटेनर  में जानवरों की तरह बैठकर गांव गये हैं, जिसमें महिलायें भी अपने बच्चों के साथ थीं ।
   भिवंडी से 20 से 25 मजदूरों को लेकर जा रहा एक टेंपो मुंबई-नासिक महामार्ग स्थित कसारा के पास एक कार से टकरा गया , नासिक की  ओर से तेजगति से आ रही कार ने उसे  जोरदार  टक्कर मार दिया जिससे  टेंपो पलट गया, जिसके कारण भिवंडी के रहने वाले टेंपो चालक मो. जावेद खान की घटनास्थल पर ही मौत हो गई है। इस दुर्घटना में टेंपो चालक की पत्नी अमरीन खान (25),फ़हरुद्दीन खान (10),अनस खान (6),अब्दुल रहमान (50),चंद्रबाबू (20) एवं नौशार मोहम्मद (20) सहित छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गये हैं।  कसारा पुलिस  द्वारा  सभी घायलों को खर्डी एवं शाहपुर के अस्पताल  में उपचार के लिये भर्ती कराया गया है।इससे पहले मध्य प्रदेश के सागर में हुई सड़क दुर्घटना में तीन मजदूरों की मौत हो गई थी और 14 लोग घायल हो गये थे।
    मजदूरों के खाने के लिये रोटियां आदि उपलब्ध कराने वाली संस्था एमपीजे द्वारा बनाये गये रोटी बैंक में दूसरे दिन 8500 रोटियां जमा हुई थी, एमपीजे के अध्यक्ष डॉ. इंतखाब शेख ने बताया कि कार्यकर्ताओं द्वारा भिवंडी नासिक रोड जाने वाले मजदूरों को 8500 रोटियों के साथ अचार, सॉस,केला,वेज पुलाव एवं ठंडा पानी उपलब्ध कराया गया है ।मजदूरों के पास खाने के सामान काफी देर तक रहे इसके लिये स्वस्तिक ढाबा के पास 500 ठोकवा बनवाकर दिया गया है । उन्होंने बताया कि मंगलवार की रात में स्वास्तिक ढाबा के अलावा ग्रीनलैंड होटल के पास भी ठोकवा बनवाकर मजदूरों को दिया गया है।  डॉ. इंतखाब ने  शहर के लोगों से जाने वाले मजदूरों की भूख मिटाने के लिये अपने घरों से ज्यादा नहीं पांच से 10 रोटियां ही रोटी बैंक तक पहुंचाने का अनुरोध किया है। भिवंडी बाईपास स्थित राजनोली नाका से लेकर वड़पे नाका एवं पड़घा टोलनाका के आगे तक रात लगभग ढ़ाई बजे तक सैकड़ों लोग मजदूरों को केला,बिस्किट,नमकीन,फल एवं पानी आदि वितरित करते रहे हैं जिससे इन्हें काफी राहत मिली है  ।


Post a comment

Blogger