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मुनाफाखोरी में उचित दर विक्रेता भी शामिल

शाहजहांपुर/ कोरोना महामारी के चलते देश बंदी के बीच मौका का फायदा उठाने वाले मुनाफाखोरों और निजी हॉस्पिटल मालिकों की चांदी हो गई है एक तरफ महामारी का दंश झेल रही  जनता को सरकार से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता तरह-तरह की सुविधाएं पहुंचाने में लगे हैं तो दूसरी तरफ दूसरे भगवान कहे जाने वाले निजी हास्पिटल डॉ हाथ में छुरी लेकर मरीजों की खाल निकालने में लग गए हैं आपको बता दें रोजा क्षेत्र के रस्तोगी क्लीनिक पर बंदी से पूर्व सौ रुपए डॉक्टर द्वारा फीस रखी गई थी जो अब डेढ़ सौ रुपए ली जा रही है वहीं दवाइयां भी पहले से महंगी कर दी है   वही ऐसी खबरें कई निजी हॉस्पिटल से  आ रही है जो लॉक डाउन का फायदा उठाकर मुनाफाखोरी में लगे हुए हैं वही रोजमर्रा की खाद्यान्न सामग्री में भी फुटकर विक्रेता डेढ़ से दोगुने में खाद्यान्न सामग्री बेच कर मुनाफाखोरी में लगे हैं वही सरकार के नुमाइंदे उचित दर विक्रेता भी मुनाफाखोरी में पीछे नहीं है वह भी मौका का फायदा उठाकर दो रुपए किलो मिलने वाला राशन 6 रुपए किलो वितरित कर रहे हैं वहीं प्रति यूनिट 5 किलो के बजाय 4 किलो दे रहे हैं वही मजदूर वर्ग को निशुल्क राशन देने के बजाय पैसा वसूल रहे हैं ऐसी खबर 2 दिन पूर्व पैना बुजुर्ग ग्राम पंचायत से आई थी वहीं मेडिकल स्टोर स्वामी भी इस लॉक डाउन का  भरपूर फायदा उठाने में लगे हैं 2 दिन पूर्व चर्चा में आई हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन गोली जिसकी अमेरिका के ट्रंप  ने देश के प्रधानमंत्री मोदी से दवा भेजने का आग्रह करते हुए धमकी भरे लहजे में अनुरोध किया था वह अब मेडिकल स्टोर से फुर्र हो गई है 8 रुपए में मिलने वाला गोली का पत्ता जिले के तमाम मेडिकल स्टोर पर 15 रुपए में बिकने लगा है  मुनाफाखोरी और कालाबाजारी के लिए कहीं ना कहीं जिला प्रशासन जिम्मेदार है जिसने सरकार के सख्त से सख्त मुनाफाखोरी रोकने के आदेशों के बावजूद अभी तक छापेमारी जैसी कार्रवाई करने की जरूरत नहीं समझी है जिसका खामियाजा लॉक डाउन के दौरान गरीब मजदूर और मरीजों को भुगतना पड़ रहा है
ब्यूरो रिपोर्ट: बीडी कनौजिया शाहजहांपुर

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