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भिवंडी।एम हुसेन।पूरे देश में  कोरोना वायरस के बढते प्रभाव  के परिणाम स्वरूप  लॉकडाउन कर दिया गया है  जिसके  कारण मुंबई-नासिक राष्ट्रीय महामार्ग स्थित पड़घा के पास ट्रक मालिकों एवं ट्रांसपोर्टरों के घन चक्कर में विभिन्न राज्यों के पांच सौ से भी अधिक ट्रक चालक संकट में  फंसे हुये हैं ।वहीं  ट्रक मालिक और ट्रांसपोर्टर दोनों ट्रक चालकों के ऊपर ट्रक में भरे हुये माल की जवाबदारी के लिये चेतावनी भी दे रहे हैं । ट्रक चालकों द्वारा प्रतिदिन 100 रूपये ट्रक की पार्किंग आदि का खर्चा देने के बाद उनका पैसा खत्म हो गया है, लेकिन ट्रक मालिक सहित ट्रांसपोर्टर कोई भी उनकी कोई सुधि नहीं ले रहा है और ट्रक में भरे हुये माल की चोरी को लेकर उन्हें धमकी अलग से दे रहा है। 

      बतादें कि कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉकडाउन होने के बाद जो जहां है वह वहीं फंसा हुआ है और उन्हें अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । लेकिन लॉकडाउन में सबसे  अधिक  परेशान है 500 से भी अधिक ट्रक चालक जो देश के अलग-अलग राज्यों से अपने ट्रकों में मालकर भरकर यहां आये थे।पूर्व  22 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन होने के बाद से ट्रक चालकों के पास जितने पैसे थे,उसे ट्रक जहां खड़े हैं उसके पार्किंग का पैसा देने में और खाने-पीने में खर्च हो गया है । जिसमें एक-दो दिन गुजारा चल सका, लेकिन महामार्ग के किनारे के ढाबों और होटलों के बंद होने के कारण इन ट्रक चालकों के सामने भुखमरी की स्थिति  निर्माण  हो गई है ।
     दरअसल देश के अलग-अलग राज्यों से ट्रक चालक ट्रक में माल भरकर मुंबई और भिवंडी के गोदामों में रखने के लिये निकले थे जहां पर एशिया का सबसे बड़ा वेयर हाउस हब है। तब शायद इन ट्रक चालकों को इसका  अनुमान  भी नहीं रहा होगा कि अचानक देश में इतने दिनों के लिए लॉक डाउन की स्थिति पैदा हो जायेगी। जिसके कारण ट्रक चालकों को अपने ट्रकों के साथ जो जहां है उसे वहीं पर खड़े रहना पड़ेगा।
    ट्रक मालिकों ने ट्रक चालकों को कुछ पैसे तो जरूर दिए थे लेकिन लॉकडाउन होने के बाद ट्रक चालक मुंबई-नासिक राष्ट्रीय महामार्ग स्थित भिवंडी तालुका के पड़घा के पास एक पेट्रोल पंप के सामने अपने ट्रकों को खड़ा करके अपने मालिकों को फोन पर आप बीती बता रहे हैं। ट्रक चालकों ने बताया कि एक-दो दिन तक तो ट्रक मालिकों के फोन पर बात चीत हो रही थी,लेकिन उसके बाद से लगातार ट्रक मालिक का मोबाइल नॉट रिचेबल हो गया है।अब ट्रक चालकों को समझ में नहीं आ रहा है कि ट्रक में भरे हुये माल को खाली कहां करें? क्योंकि भिवंडी के जितने भी गोडाउन हैं लॉकडाउन के चलते पिछले नौ दिनों से बंद पड़े  हैं ।ट्रक चालक सड़क पर भी नहीं निकल सकते हैं क्योंकि सड़कों पर निकले तो पुलिस इन्हें मार रही है और जहां खड़े हैं वहां पिछले नौ दिनों से प्रतिदिन 100 रूपये की दर से ट्रक पार्किंग का पैसा भी देना पड़ रहा है। अब ट्रक चालक बिना पैसों का यहां गुजारा करें तो करें कैसे यह एक गंभीर समस्या बनते जा रही है  ?
    ट्रक चालकों की स्थिति काफी दयनीय हो गई है, ट्रक चालक देश के अलग-अलग कोनों से जैसे  पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश,तमिलनाडु,केरल,कोलकाता, पंजाब,राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार ,दिल्ली,सिक्किम, दिल्ली आदि  अलग-अलग  क्षेत्रों के रहने वाले हैं । जब तक यह लॉक डाउन खत्म नहीं हो जाता तब तक इन ट्रक  चालकों  को इसी  प्रकार  से भिवंडी के अलग-अलग  क्षेत्रों  में रहना पड़ेगा। यहां की सामाजिक संस्थाओं द्वारा इन्हें भोजन दिया जा रहा है ,लेकिन अलग-अलग राज्यों के होने के कारण इन्हें सामाजिक संस्थाओं द्वारा दिया गया पुलाव भा अब  पूरी मात्रा में उपलब्ध  नहीं हो रहा है।ट्रकों में माल भरा होने के कारण जब तक ट्रक खाली नहीं हो जाती तब तक ट्रक चालक ट्रक छोड़कर जा भी नहीं सकते ।कई ट्रक चालकों ने तो यह भी कहा वह ट्रक छोड़कर जाना भी चाहते हैं,लेकिन वह एक राज्य की सीमा से दूसरे राज्य की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकते हैं, क्योंकि जैसे ही वह राज्यों की सीमा तक पहुंचेगे वहां की पुलिस डंडे मारकर उन्हें वापस भगा देगी। वहीं दूसरी ओर  ट्रक मालिकों एवं ट्रांसपोर्टरों द्वारा चेतावनी भी दी जा रही है कि ट्रक से माल गायब हुआ तो उनके विरुद्ध चोरी का मामला दर्ज करा दिया जायेगा। इस प्रकार की चेतावनी  के कारण ट्रक चालक काफी परेशान व भयभीत  हैं । 

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