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कोरोना महामारी में भी जॉब कार्ड धारकों को नहीं मिला निशुल्क राशन

जिलाधिकारी कंट्रोल रूम एवं 1076 पर भी नहीं हो सकी  सुनवाई

शाहजहांपुर/ यह कोई नई बात नहीं है जब जिला पूर्ति कार्यालय पर कोई गंभीर आरोप लग रहे हैं यहां तो आए दिन तरह-तरह के आरोप लगते हैं और सिद्ध होने के बावजूद भी मैनेज हो जाते हैं हां बात करते हैं जिला पूर्ति कार्यालय की जहां बाबू से लेकर अधिकारी तक मैनेज होने में देर नहीं लगती यही कारण है कि  कोरोना महामारी का दंश झेल रही जनता को इस समय भी कोटेदारों ने नहीं बख्शा मामला विकासखंड भावल खेड़ा की ग्राम पंचायत पैना बुजुर्ग का है  जहां कोटेदार दबंग और राजनीति में प्रभाव रखने वाला प्रभावशाली व्यक्ति है  कई वर्ष से कोटेदार ग्राम वासियों को गेहूं  6 रुपए किलो तो चावल 7 रुपए किलो के हिसाब से वितरित करता चला आया है जबकि सरकार के दिशा निर्देशानुसार गरीबों के लिए चावल और गेहूं के रेट बहुत कम रखे गए हैं इस बात की शिकायत भी कई बार हुई लेकिन जिला पूर्ति कार्यालय तो शिकायत का इंतजार करता है और यहां  शिकायत कमाई का जरिया बन गया है लेकिन इस बार जब जॉब कार्ड धारकों को निशुल्क राशन देने का प्रावधान था उनको भी निशुल्क राशन ना देकर पैसे लिए गए तो लोग भड़क गए और मुख्यमंत्री के शिकायत हेल्पलाइन 1076 और जिला अधिकारी के कंट्रोल रूम पर फोन कर शिकायत करने लगे गांव के करीब 8 से 10 लोगों ने इन नंबरों पर शिकायत की ग्रामीण बताते हैं की शिकायत करने पर कोटेदार को तुरंत पता चल गया और कई लोगों से उसने बुलाकर कहा कि तुम्हारा जॉब कार्ड है तुम अपने पैसे वापस ले जाओ  लेकिन डर के वजह से कोई पैसा वापस लेने नहीं गया और ना कोई कार्रवाई  हुई अब ग्रामीणों ने एक पत्र के माध्यम से उप जिलाधिकारी सदर  से मांग की है की उपरोक्त कोटेदार की गंभीरतापूर्वक जांच कराकर कानूनी कार्रवाई की जाए और ग्राम पंचायत का कोटा दबंग कोटेदार होने की वजह से दो भागों में बांट दिया जाए ताकि जरूरतमंदों को समय से राशन मिलता रहे  ग्रामीणों ने पत्र में प्रति यूनिट 4 किलो राशन वितरित करने वाले कोटेदार पर कार्रवाई  कराएं जाने की मांग की है शिकायत  करने वालों में लालाराम सर्वेश रामचंद्र रामनिवास किशोरी  रामकुमार ओम प्रकाश रामेश्वर आदि 47 कार्ड धारकों के कार्ड नंबर सहित अंगूठा और हस्ताक्षर अंकित थे
 ब्यूरो रिपोर्ट  बीडी कनौजिया शाहजहांपुर

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