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 भिवंडी ।एम हुसेन।भिवंडी के  एक फर्नीचर विक्रेता ने कोरोना  वायरस का  भय  दिखाकर  आम्ही अरिहंत नामक  गादी तैयार की है। ।या' गादी पर सोये  तो 'कोरोना' का वायरस अपने से  दूर रहेगा  इस  प्रकार का दावा करते हुए  एक वर्तमानपत्र में  विज्ञापन  दिया था।

 परंतु उक्त विज्ञापन  देखकर स्थानिक खारबांव प्राथमिक आरोग्य केंद्र के  वैद्यकीय अधिकारी डॉ.बालासाहेब डावखरे की शिकायत  नारपोली पुलिस स्टेशन  में   गादी  विक्रेता अमर पारेख  के विरुद्ध मामला दर्ज कराया है  जिसकी विस्तृत जांच पुलिस पुलिस कर रही है ।

       उल्लेखनीय है कि  देशभर मे कोरोना वायरस का हाहाकार मचा हुआ है  ,जिसका  बचाव  करने के लिए  नागरिक हरसंभव कोशिश कर रहे हैं  ,परंतु   कुछ नागरिकों के  भोलापन का लाभ उठाते हुए अनेक  बोगस औषध विविध स्थानों पर विक्री बाबत का उदाहरण  प्रकाश आने के बाद  भिवंडी तालुका के कशेली व वल  ग्रामपंचायत सीमांतर्गत  अरीहंत मॅट्रेस  नामक गादी विक्रेता  ने एंटी कोरोना वायरस मॅट्रेस 15 हजार रुपये की गादी विक्री के लिए लाया है ।उक्त  गादीपर  सोने से  कोरोना वायरसच  का  दुष्प्रभाव नहीं  होगा  इस प्रकार से बोगस  विज्ञापन  मुंबई समाचार के गुजराती दैनिक 13 मार्च के अंक में  प्रकाशित कर जनता  के साथ  धोखाधड़ी की है  ।उक्त संदर्भ में  जानकारी प्राप्त होने के बाद  मिळताच पुलिस  उपायुक्त राजकुमार शिंदे ने कशेली ग्रामपंचायतके जो खारबाव प्राथमिक आरोग्य केंद्रांतर्गत आता हैवहां  वैद्यकीय अधिकारी डॉ बालासाहेब डावखरे की शिकायत लेकर अरिहंत मॅट्रेस के  मालिक अमर पारेख  के  विरुद्ध भादंवि कलम 505 [ 2 ( ब ) ] सहित आपत्ती व्यावस्थापन  नियम 2005  की कलम 52 व औषधि द्रव्य व तिलस्मी उपचार [ आपत्ति विज्ञापन  ] अधिनियम की कलम 3,4,5  के अनुसार  मामला दर्ज कर लिया है ।जिसकी  विस्तृत जांच नारपोली  पुलिस स्टेशन  के  पुलिस उपनिरीक्षक पराग भाट कर रहे हैं हे ।तथा  कोरोना वायरस के लिए  उपयोग करने के लिए  कोई भी  औषध अभी तक बाजार में उपलब्ध  नहीं है  ।इसलिए  बोगस विज्ञापन  से  नागरीक सावधान  रहें इस प्रकार का आवाहन पुलिस उपायुक्त राजकुमार शिंदे  ने किया है। 

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