Ads (728x90)

 भिवंडी ।एम हुसेन।केंद्रीय सरकार द्वारा सीएए,एनआरसी तथा एनपीआर जैसा काला कानून लागू कर दिया गया है जो देश में रहने वाले सभी जाति धर्म के लोगों के विरुद्ध है इसीलिए इस काले कानून का विरोध पूरे देश भर में सडक पर उतर कर तथा शाहीन बाग स्थापित कर के किया जा रहा है । इसी क्रम में इस काले कानून का विरोध करने के लिए  भिवंडी में नासिक रोड, मिल्लत नगर स्थित शाहीन बाग की स्थापना पूर्व 31 जनवरी 020 को की गई है जहां हजारों की संख्या में महिलाएं  तथा  सैकड़ों पुरूष  उपस्थित रहकर इस कानून का कड़ा  विरोध कर रहे हैं। इस शाहीन बाग में उपस्थित महिलाओं को संबोधित करने के लिए सांसद,विधायक,  डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, प्रोफेसर, सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी  तथा राजनीतिज्ञों का आगमन का सिलसिला निरंतर जारी है। जहां बीते कल महापंचायत के अध्यक्ष विनय दुबे ने केंद्रीय सरकार पर कडा प्रहार करते हुए इसे ऐतिहासिक असफल सरकार बताया और परिणाम स्वरुप सरकार द्वारा सीएए,एनसीआर ,एनपीआर जैसे काले कानून को लागू करना इनके दिमाग का दिवालिया पन बताया। वहीं उन्होंने कहा कि न केवल मुस्लिम बल्कि हिंदू, सिख, ईसाई, दलित, बौद्ध,जैन,आदिवासी  आदि जाति धर्म के लोग भी आंदोलन में मौजूद हैं जिसकारण हमारी विजय तय है। वहीं  बल देते हुए कहा कि  एनपीआर का बहिष्कार किया जाना चाहिए ,इसी प्रकार कुछ लोगों द्वारा आंदोलनकारियों पर हमला करने व आंदोलन स्थल से भगाने की जो घोषणा की गई है मित्रों यह केवल वातावरण खराब करने व भयभीत करने का असामाजिक तत्वों का षडयंत्र है इसके अलावा और कुछ भी नहीं है, न ही इसके आगे बढने के लिए इनमें दम है।मैं स्वयं देश भर के शाहीन बाग में जा रहा हूं और वहां पर विरोध करने के लिए धरने पर बैठी माओं, बहनों और दादी व नानी को संबोधित कर रहा हूं कभी किसी ने हमसे वार्तालाप करने का साहस नहीं  किया है। इनकी बन्दर घुडकी से घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस काले कानून के विरुद्ध केवल आप लोग ही नहीं हैं बल्कि हमारे जैसे देश के 70 प्रतिशत हिंदू बंधु भी इस विरोध आंदोलन में शामिल हैं ।इसी प्रकार भिवंडी मनपा के प्रथम महापौर व प्रथम भिवंडी लोकसभा के सांसद सुरेश टावरे ने भी अपने संबोधन में कहा कि सरकार अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए  उक्त  प्रकार का काला कानून लागू कर जनता को दिशा भूल कर रही है जिसे पूरे देश की जनता भली भांति समझ चुकी है इसलिए देश की जनता इस काले कानून का विरोध कर रही है जिसमें मैं भी शामिल हूं।वहीं सुरेश टावरे ने कहा कि हमारे देश में जातियों के आगे लगने वाले सरनेम में भी अनेकोबार परिवर्तन हुआ है जैसै लगभग तीन सौ वर्ष पूर्व हमारे नाम के आगे  सरनेम आमले लिखा जाता था, फिर टावरी लिखा जाता था और 1957 से  हमारा सरनेम टावरे हो गया है जो आज तक कायम है, जिसकारण मैं भी भयभीत हूं कि उक्त काले कानून के कारण मेरी भी नागरिकता को खतरा हो सकता है। इसलिए माओं बहनों आपके साहस को मैं सलाम करता हूं और वचन देता हूं कि इस काले कानून के विरुद्ध केवल आप लोग ही अकेले नहीं हैं हम सब आप के साथ हैं ,हम सभी हिंदू मुस्लिम भारत के मूल निवासी हैं इसलिए सरकार द्वारा लागू किये गये उक्त काले कानून से घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि जब पहले से ही बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर द्वारा  बनाया गया विश्व का सबसे अच्छा कानून हमारे पास मौजूद है जिसे हम सभी मानते हैं तो इसकी उपेक्षा हमें दूसरे कानून की जरूरत नहीं है। इसी प्रकार  इंजीनियर जावेद आज़मी ने कहा, "पाखंडी  लोग तरह-तरह की अफवाहें फैला रहे हैं लेकिन किसी को चिंता करने की जरूरत  नहीं है। अफवाह फैलाने वालों पर हमारी पूरी नजर है।"  यह शाहीन बाग़ स्थापित किया गया है जहां आप सभी हज़ारों महिलाएं यहां बैठ कर  उक्त काले कानून के विरुद्ध विरोध  प्रदर्शन कर रही हैं, आप बधाई की पात्र हैं। इसी प्रकार कॉमरेड विजय कांबले ने संप्रभुता की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि  हमारे प्रधान मंत्री और गृह मंत्री स्थायी रूप से पूरे देश के लोगों को गुमराह करने में लगे हुए हैं।वहीं  एडवोकेट किरण चन्नने ने भी सत्तारूढ़ अभिजात वर्ग को चुनौती देते हुए कहा कि हम सभी एक ही देश में रह रहे हैं, हम में से कोई एक भी बाहरी व्यक्ति नहीं है, और बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर द्वारा  बनाया गया संविधान हमारे देश में पर्याप्त है।  फिर पता नहीं क्यों वर्तमान सरकार को उपरोक्त काले कानून की आवश्यकता  है । यह काला कानून पूरे देश के लोगों के लिए परेशानी का कारण व तबाही का कारण होगा। आपके बलिदानों को आपकी आने वाली पीढ़ियों द्वारा याद किया जाएगा।  देश की आजादी के लिए हमें इस काले कानून के विरुद्ध  हमें  अंत तक लड़ना होगा।उक्त अवसर पर  मौलाना औसाफ फलाही,डॉ यासीन काजी, भगवान टावरे,इकबाल सिद्दीकी ,शादाब उस्मानी,सुमित शिंदे, आरिफ    अलवी , फैजान अहमद शेख, अब्दुल सलाम,रियाज शेख,सुुुग्गी देवी यादव, रेहाना अंसारी,स्वाती कांबलेे, मीरा ताई मते,बिंदु गुप्ता आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


Post a comment

Blogger