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भिवंडी ।एम हुसेन।  मुंबई उच्च न्यायालय के  आदेशानुसार एमएमआरडीए प्रशासन ने  सोमवार को  भिवंडी तालुका के  ओवली गांव स्थित  पारसनाथ कंपाााउंड में २४ अवैध गोदाम बांधकाम पर दो जेसीबी मशीन की सहायता से निष्कासन कार्रवाई की गई है  ।इस  प्रकार की तोडक कार्रवाई  से  स्थानिक  किसान , गोदाम धारकों में भारी  आक्रोश  व्याप्त है ।इस  तोडक कार्रवाई  के  दरम्यान ग्रामीणों  द्वारा  बड़े पैमाने पर विरोध किया गया था जिसकारण  बंदोबस्त पर लगाए गए  पुलिस  कर्मियों ने हस्तक्षेप करते हुए  सभी को  शांत किया गया तथा  उक्त स्थान पर विशेष पुलिस  बंदोबस्त तैनात किया गया  ।
           मुबई उच्च न्यायालय ने  भिवंडी तालुका के वाणिज्यीक  व रहिवासी इस प्रकार  डेढ लाख बांधक को  अवैध  ठहराया है ।जिसके अनुसार उक्त बांधकाम पर १५ फरवरी तक कार्रवाई  कर के  अहवाल  प्रस्तुत करने के लिए आदेश न्यायालय ने  दिए हैं।इसी के  अनूसार महसूल ,मनपा व एमएमआरडीए प्रशासन द्वारा  तोडक कार्रवाई करने की  शुरुआत की है।ओवली ग्रामपंचायत सीमांतर्गत  स.नं.३५  की जमीन पर स्थानिक  किसानों ने  विकासक के साथ  इकरारनामा  कर  भागीदारी में  २४ गोदाम का बांधकाम किया है। परंतु  बांधकाम करते हुए शासन से प्रमीशन  नहीं  लिया था जिसकारण उक्त  बांधकाम के विरुद्ध  तोडक  कार्रवाई की गई है।उक्त  प्रकार की गई तोडक कार्रवाई से  स्थानिक  किसानों  के सामने  रोजीरोटी  खत्म होने का  समय आ गया है।ओवली स्थित  तोडक कार्रवाई की जानकारी प्राप्त होने के बाद  विधायक  शांताराम मोरे ,महेश चौघुले पूर्व विधायक रुपेश म्हात्रे ,शिवसेना जि.प.गटनेता कुंदन पाटील ,भाजपा  नगरसेवक निलेश चौधरी ,हनुमान चौधरी आदि सहित  ग्रामीण घटनास्थल पर  पहुंचे और  एमएमआरडीए अधिकारियों से  संपर्क कर कार्रवाई  टालने का  प्रयत्न किया  परंतु  अधिकाऱियों ने न्यायालय  के आदेशानुसार कार्रवाई की जा रही है इसलिए  निष्कासन कारवाई  को पूरा किया।    

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