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भिवंडी। एम हुसेन। देश में सर्वोच्च  स्तर की बेरोजगारी, घोर आर्थिक मंदी, बढती मूल्य वृद्धि, बैंकिंग  प्रणाली का पतन ,कृषि संकट और नौकरियों की भारी  कमी प्रस्तुत किया है। दुर्भाग्यवश इन मुद्दों को समाधान करने के बजाय सरकार इससे इंकार करते आ रही है। विमुद्रीकरण और जीएसटी के कारण असंगठित  श्रमिक हुई   क्षति  से अभी  उबरे भी नहीं   हैं ।जिसकारण असंगठित कामगारों की आय और नौकरी की असुरक्षा में भारी वृद्धि होगी। और भाजपा सरकार अब एक सामाजिक सुरक्षा संहिता ला रही है, जिसमें 15 श्रम कल्याण कानून का विलय किया गया है, संहिता में भारत के 40 करोड़ असंगठित श्रमिकों के लिए कुछ भी ठोस वादा नहीं है।
 इसके विरुद्ध भिवंडी जिला असंगठित कामगार कांग्रेस के जिलाध्यक्ष परवेज़ खान के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने असंगठित कामगारों की रोजगार की रक्षा करना और उन्हें बढावा देना, बेहतर बनाना, उचित मजदूरी सुनिश्चित करना ,सामाजिक सुरक्षा संहिता में सभी असंगठित श्रमिकों के लिए जीवन,विकलांगता, स्वास्थ्य, मातृत्व और पेंशन का प्रावधान हो ,सभी असंगठित और स्व_श्रमिकों को कामगार के रुप में पहचान और पंजीकृत किया जाय,सभी  कामगारों को ईपीएफ और ईएसआई योजना के दायरे में लाया जाय ।इस प्रकार की मांग पर आधारित  प्रांत अधिकारी  को ज्ञापन सौंपा है। उक्त अवसर पर परवेज खान (पीके),श्रीमती रेहाना अंसारी, अफरोज खान,आसिफ पठान,वसीम खान,जब्बार शेख,इब्राहीम मलबारी,सत्य नारायण चिप्पा,गौतम सादानी उपस्थित थे। 

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