Ads (728x90)

भिवंडी । एम हुसेन । भिवंडी शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी व निजी  जमीन पर पूर्व कई वर्षों से बापदादा के समय से निर्माण किये गये  घर व गोदाम  को अवैध ठहराकर  न्यायालय के  आदेशानुसार सरकारी यंत्रणा ने  निष्कासित करने का  प्रयत्न मंगलवार  को किया ।परंतु  उक्त संपत्ति को  श्रमजिवी संघटना सहित स्थानिक नागरिकों ने  हाथ  लगाने के लिये  प्रखर विरोध करने के पश्चात  आखिर में बेबस हुई मनपा व महसूल यंत्रणा को  खाली हाथ वापस जाना पड़ा।  भिवंडी शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में पूर्व कई वर्षों से घर  व गोदाम निर्मित किया गया है ।उक्त निर्माण  कार्य  करते समय संपत्ति  धारकों की अभिज्ञनता  के कारण   सरकारी परवानगी नहीं ले सके ।जिसकारण  उक्त संपत्ति पर कार्रवाई करने के लिए  मुंबई उच्च न्यायालय के समक्ष   ठाणे स्थित  निवासी राहुल उत्तम जोगदंड ने जनहित याचिका दाखिल किया था।उक्त  याचिका पर सुनवाई करते हुए  अवैध निर्माण पर  कार्रवाई करने के लिए निर्देश राज्य शासन को दिये गये हैं।उक्त  निर्माण कार्य  पर  कार्रवाई  करने के लिए ठाणे जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति  के  गठन किया गया है। डेढ लाख अवैध निर्माण  कार्य पर  २५ दिसंबर तक कार्रवाई कर उच्च न्यायालय में  अहवाल प्रस्तुत करने के लिये   न्यायालय ने  आदेश दिया है। जिसकारण  संपूर्ण जिला प्रशासन अवैध निर्माण कार्य  के  विरोध में  कारवाई करने  के लिये सक्रिय हो गया है ।  इसी  क्रम में मंगलवार को भिवंडी तालुका के  खारबाव स्थित  निवासी इमारत ,राहनाल  स्थित  गोदाम  व भादवड एवं  पोगाव स्थित  आदिवासियों का झोपड़ा  व घरों पर कार्रवाई करने के लिए महसूल , मनपा व पुलिस प्रशासन तैयार था ,परंतु अपने पूर्वजों द्वारा बनाये गये   निवास को तोड़ने का तीव्र विरोध करते हुये उक्त  निष्कासन कार्रवाई के विरोध में महिलायें  व बच्चों सहित  नागरिकों ने ठिय्या आंदोलने कर शासकीय धोरणा का तीव्र निषेध किया।
                      खारबाव स्थित  अवैध निर्माण कार्य पर कार्रवाई  करने के लिये  आने वाले  महसूल व पुलिस  पथक को तोडू कार्रवाई  करने के लिये मना  करते हुये  नागरिकों ने अंजुरफाटा - चिंचोटी रास्ते पर रास्ता रोको आंदोलन किया, सुबह  11 बजे से ही शुरू किया गया  आंदोलन दोपहर तीन बजे तक आंदोलन जारी रहा ।जिसकारण  रास्ते के दोनों तरफ भारी संख्या में  वाहनों की लाइन लगी हुई थी।उक्त अवसर पर  नागरिकों को समझाने के लिए  आये भिवंडी प्रांत अधिकारी डॉ.मोहन नलदकर व तहसीलदार शशिकांत गायकवाड को भी  आंदोलनकारियों का सामना पडा ।विशेष रूप से नागरिकों के आंदोलन को संज्ञान में लेते हुए  भिवंडी ग्रामीण के  विधायक  शांताराम मोरे ने  आंदोलनकारियों की सहायता करने के लिए  प्रांतअधिकारी व तहसीलदार से  चर्चा की व स्थानिक नागरिकों को न्याय दिलानेके लिए विधायक शांताराम मोरे भी रास्ता रोको आंदोलन में  सहभागी होकर  रास्ते पर  बैठकर  निर्माण कार्य  तोडने का  विरोध किया ,यहां के  नागरिकों के घरों के एक भी दीवार को हाथ नहीं लगाने देंगे  । लगभग  चार घंटे  जारी रहने वाले  रास्ता रोको आंदोलन के कारण  प्रवासियों को अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ा है।उक्त अवसर पर  " माननीय उच्च न्यायालय के  आदेश का पालन करते हुये अवैध निर्माण कार्य  पर १०० प्रतिशत  कार्रवाई   की जायेगी  " इस प्रकार की प्रतिक्रिया  भिवंडी प्रांत अधिकारी डॉ.मोहन नलदकर ने स्पष्ट रूप से व्यक्त की है।अंतत आंदोलनकारियों  के  आंदोलन पर हस्तक्षेप करते हुये विधायक  शांताराम मोरे ने   महसूल अधिकारी व आंदोलनकारियों में  मध्यस्थता करते हुये  तोडू कार्रवाई स्थगित कराया है  ।
               परंतु  न्यायालय के  आदेश का मान रखते हुये  महसूल अधिकाऱियों ने  खारबाव स्थित तिरुपती बालाजी  बिल्डरने  द्वारा  निर्माण किया गया  अवैधनिर्माण कार्य पर बुधवार को कार्रवाई की जायेगी  इस प्रकार की जानकारी  तहसीलदार शशिकांत गायकवाड ने  दी है ।उक्त  तोडू कार्रवाई  व आंदोलन के दरम्यान किसी प्रकार की  अनुचित घटना घटित न हो इसलिये  तालुका पुलिस स्टेशन के
 वरिष्ठ पुलिस  निरीक्षक संजय हजारे ने पुलिस का कड़ा  बंदोबस्त लगाया था। उक्त  रास्ता रोको आंदोलन में  जिला  परिषद सदस्य कुंदन पाटील , जि.प.सदस्य गोकुल नाईक,समाजसेवक ज्ञानेश्वर (ओम)  मुकादम ,पूर्व  उपसरपंच अशोक पालकर,प्रवीण पाटील सहित  महिला व नागरिक भारी संख्या में  उपस्थित थे । इसी प्रकार   राहनाल  स्थित  अवैध गोदाम पर एमएमआरडीए प्रशासन द्वारा  आज तोडू कार्रवाई  कीं गई है तथा  भादवड व पोगाव स्थित भिवंडी  शहर महानगरपालिका सीमांतर्गत  पोगांव  स्थित  म्हस्कर पाडे में  आदिवासियों सहित अन्य परिवारों के  घरों पर कार्रवाई करने के लिए मनपा अधिकारी बालाराम जाधव व सुनिल भोईर नामक अधिकाऱियों ने अतिक्रमण पथक सहित  जेसीबी मशीन तैयार रखकर  तोडक कार्रवाई करने की  तैयारी किया था परंतु   उसी समय   आदिवासियों के घरों का निष्कासन कार्रवाई करने का  विरोध करने के लिए श्रमजिवी संघटना के प्रदेश महासचिव  बालाराम भोईर , ठाणे जिलाध्यक्ष  अशोक सापटे के नेतृत्व में श्रमजिवी के  सैकड़ों  कार्यकर्ता सुबह से ही पोगांव गांव सीमांतर्गत   म्हस्कर पाडे की ओरजाने वाले रास्ता रोक रखा था। इसी प्रकार  भादवड स्थित  स्थानिक नागरिकों ने   भी अपने प्राण गये तब भी घर के एक कबेलू को    हाथ नहीं लगाने देंगे  ।गौरतलब है कि   पोगांव ,म्हस्कर पाडा स्थित  २५ तथा  भादवड स्थित  १३२ घरों में तीन पीढ़ियों से  रहते हैं ।ब्रिटिश शासन ने  १९३० में  गावठाण क्षेत्र घोषित किया है परंतु  उसके बाद  जनसंख्या की अधिक  बढोतरी हुई है  जिसमें  गावठाण विस्तार क्षेत्र नहीं बढे हैं। इसलिये  नागरिक अपने  खेत  अथवा सटे हुये  सरकारी खुली  जगह पर अपना  घर निर्मित कर रहते हैं।आज   महसूल विभाग  अंतर्गत आने वाले  बापगाव स्थित  १६ व्यवसायिक गाले पर निष्कासन कार्रवाई की गई है इस प्रकार की जानकारी  तहसीलदार शशिकांत गायकवाड ने दी है। 

Post a comment

Blogger