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ऋषि तिवारी
दिल्ली । डीटीसी बस में गाड की मनमानी थमने का नाम ही नहीं ले रही है डीटीसी बसो में गाड को जनता की सुरक्षा के लिए तैनात किया जाता है लेकिन डीटीसी बसो में आज कल गाड सुरक्षा के बदले गुंडा गिरी करने पर उतर आए है। बसों में गाड भरी बसों में बैठकर आम जनता पर रौब जताते है जब इन्हें उठने को कहा जाता है तब। 
प्राप्त जानकरी के अनुसार डीटीसी के डीटीसी के बसों में रजोरी गार्डन से एक पत्रकार जब बस में चढ़ और एक बुज़ुर्ग के लिए बैठे गाड से उठने के लिए कहा तो गाड ने उन्हें लेडिस की सीट पर बैठने के लिए कहने लगे जो की बस में एक लेडिस सीट और दूसरा नॉर्मल पर गाड बैठा था। जब उसे ना माना तो खड़े पत्रकार महोदय ने गाड को समझाने की कोशिश किए मगर गाड ना मानकर उन्हें धमकाने लगा और बाजू की सीट पर बैठे कन्डेक्टर भी उनका स्पॉट कर गाड और कन्डेक्टर ने पत्रकार को लाइक रोड पर स्टॉप के पहले ही उतार दिया गया।
बतादे की यह मामला हर डीटीसी की बसों में होता आ रहा है ना इसपर कोई कारवाही नहीं किया जाता है और जानकारी के अनुसार डीटीसी के कितनी बसों में तो महिलाओ के साथ बत्मीजी भी करते है लेकिन बस तो बस है वों भी सरकारी जिसमें डीटीसी का राज चलता है ना इसपर कोई कारवाही की जाती है ना चेकिंग। सिर्फ केजरीवाल सरकार के राज में बोलबाला ही होता आ रहा है। जनता के एक जानकारी में ये पता चला आ रहा है कि डीटीसी के कार्यों में 15 से 20 सालो में आज तक कोई सरकार इन्हें नहीं बदल सकी है तो केंजारिवाल और मोदी जी क्या कर पाएंगे। जनता कहती आ रही है की डीटीसी की बसों को कौन सी पार्टी आयेगी जो डीटीसी के रूट और दबंगई को खत्म करेगी, या फिर दिल्ली आयेसे ही रहेगी?

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