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मुंबई:- भांडुप के तुलशेत पाड़ा में रहने वाले केशव रामलखन पटेल जी (55 वर्ष) अपने 3 साथियों के साथ 29 जून 2019 को अपने पैतृक गांव जीवनपुर जाने हेतु लोकमान्य तिलक टर्मिनस से ट्रेन नं 12167 वाराणसी सुपरफास्ट ट्रेन से रवाना हुये। 30 जून को सुबह 4 बजे वे वाराणसी पहुँच गये। जहां से वे बस डिपो पहुंचे, वहाँ उनके बाकी साथी बदलापुर की बस पकड़कर आगे चले गए और केशव पटेल जी अपनी बस की प्रतीक्षा करने लगे।
उसी वक़्त उनके पास एक व्यक्ति आकर उनसे हाल चाल पूछता है और उनसे घुलने मिलने की कोशिश करता है।
बाद में पानी देकर मुँह धोने के लिए भी कहता है।
मुँह धुलाने के बाद वह व्यक्ति उनको कहता है कि इस दुकान से चाय लेकर पी लेते है ताकि थोडी ताजगी आ जाये।
इसके तुरंत बाद वो चाय लेता है और उसमें ना जाने कब दवा मिलाकर केशव जी को पिला देता है। जिसे पीने के तुरंत बाद वो बेहोश हो जाते है और ये व्यक्ति उनका सारा सामान, मोबाइल, बैग, आधार कार्ड, ए टी एम कार्ड सब कुछ लेकर भाग जाता है।
इसके पश्चात बस डिपो से पोलिस के कुछ सिपाही केशव जी को ले जाकर नजदीकी कपील चौरा के श्री सुंदरलाल सरकारी अस्पताल में भर्ती कर देते हैं। जहां अस्पताल की तरफ से 30 जून की सुबह से लेकर 1 जुलाई की शाम तक कोई उपचार नही किया गया और शाम को जब केशव जी के रिश्तेदार उन्हें ढूंढते ढूंढते अस्पताल पहुंच जाते है तब जाकर उनका इलाज शुरू होता है।
अगले दिन 2 जुलाई की सुबह उनके रिश्तेदार उन्हें अस्पताल से निकालकर घर ले जाते है। वहां उन्हें खाना और पानी बिल्कुल भी नही खाया जाता। ना भूख लगती और ना प्यास।
ये देखते हुए उन्हें डॉ केपी यादव के अस्पताल से इलाज शुरू होता है जो 9 दिन तक चलता है। परंतु ज्यादा आराम ना होने से उन्हें बनारस के बीएचयू अस्पताल में 12 दिनों तक भर्ती किया गया।
जहां उन्हें पता चला कि उनकी बड़ी आंत में केमिकल की वजह से सूजन हो गयी है और उन्हें तुरंत आपरेशन की सलाह दी गयी। परंतु उन्होंने वहां आपरेशन से मना किया और कहा कि मैं मुंबई जाकर अपना इलाज करवाऊंगा।
अगले दिन 25 जुलाई को उन्हें मुंबई लाया जाता है, यहां आते ही उन्हें तुरंत परेल के केईएम अस्पताल में डॉ चेतन कंथारिया की निगरानी में भर्ती किया गया। जहां डॉ कंथारिया ने 29 जुलाई को उनकी आंत का पहला आपरेशन किया और बाद में 5 अगस्त को दूसरा आपरेशन किया।
दूसरा आपरेशन होनी के बाद कुछ घंटे वो मौत से जूझते रहे और अंत मे 6 अगस्त रात 1.50 को उनका देहांत हो गया।उनकी अंत्येष्टि भांडुप सोनापुर स्थित
श्मशान भूमि पर उनके बड़े सुपुत्र अजय पटेल द्वारा किया गया।
    इस अवसर पर दुःख प्रकट करते हुये डॉ बाबुलाल सिंह पटेल(अध्यक्ष-महाराष्ट्र कूर्मि क्षत्रिय समाज, मुंबई) ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ से मांग किया कि जहरखुरानी की सर्वाधिक घटनाये उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज,
पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्टेशनों पर हो रही हैं।परंतु पुलिस, सरकार का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।लूट पाट के बाद लोगों को जान से हाथ धोना पड़ रहा है।
बस डिपो,स्टेशनों पर सी सी टी वी लगे हैं।सरकार पुलिस चाहे तो ये घटनाएं उजागर हो सकती हैं और हत्यारे,जहर खुरान तथा उनके साथ लगे चाय वाले,बिस्किट वाले भी पकड़े जा सकते है।केवल सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

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