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- आईटीबीपी की वार्षिक सीएमई का एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने विधिवत शुभारंभ किया
- कहा , सशस्त्र सेनाओं की चिकित्सा व चिकित्सा शिक्षा जैसी सहायता के लिए एम्स के द्वार हमेशा खुले 
                                                                                                                                                                 ऋषिकेश ( ओम रतूड़ी ) । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बृहस्पतिवार को आईटीबीपी की दो दिवसीय वार्षिक सीएमई का बतौर मुख्य अतिथि विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने कहा कि देश की प्रगति में सशस्त्र सेनाओं का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी सहित विभिन्न सशस्त्र सेनाओं की चिकित्सकीय सहायता के लिए एम्स संस्थान हमेशा प्रतिबद्धता के साथ तत्पर है।
देहरादून के सीमाद्वार मैदान में हुए कार्यक्रम में एम्स निदेशक ने बताया कि एम्स संस्थान द्वारा तैयार किए गए हाई एटिट्यूड माउंटेन ​डिजीज मैनेजमेंट से जुड़े विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम की जानकारी दी और बताया कि संस्थान में इन कोर्सेज को जल्द शुरू किया जाएगा।                                                                                  सीएमई में जुटे विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मेडिसिन के क्षेत्र में नित नये प्रयोगों व अनुसंधानों पर व्याख्यान दिए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने चिकित्सा व चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में परंपरागत तौर तरीकों से हटकर सोचने व कार्य करने की जरुरत बताई। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति की जिस क्षेत्र में विशेषज्ञता हो, उसे उसी के हुनर के मुताबिक कार्य सौंपने से बेहतर परिणाम सामने आते हैं। निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपने फील्ड में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, तभी उसकी प्रगति संभव है और इसका लाभ समाज को भी मिलता है। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में साफ्ट स्किल की जरुरत पर जोर दिया, बताया कि एक सफल चिकित्सक के लिए बीमारी के साथ साथ बीमार व्यक्ति से बातचीत का तौर तरीका भी आना चाहिए। एम्स निदेशक ने कहा कि सशस्त्र सैनिकों तत्परता से हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं, इसीलिए हम प्रगति के नए सोपान स्थापित कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि आईटीबीपी समेत सभी सशस्त्र सेनाओं की चिकित्सा व चिकित्सा शिक्षा जैसी सहायता के लिए एम्स संस्थान के द्वार हमेशा खुले हैं, ऐसी जरुरत पड़ने पर संस्थागत स्तर पर सेनाओं को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर एम्स के मधुमेह रोग विशेषज्ञ डा. रवि कांत ने लोगों में मधुमेह की बीमारी के लगातार बढ़ने के क्रम को चिंताजनक बताया, उन्होंने बताया कि  बिना दवा के भी मधुमेह की बीमारी की रोकथाम की जा सकती है। उन्होंने मधुमेह रोग से संबंधित नई तकनीक की विस्तृत जानकारी दी। एम्स के ट्रामा सर्जरी विभाग के डा. मधुर उनियाल ने ट्रामा के क्षेत्र में एम्स ऋषिकेश के योगदान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एम्स ट्रामा से जुड़े हर तरह के मरीजों के उपचार में पूरी तरह से सक्षम है। इस अवसर पर आईटीबीपी के आईजी डायरेक्टर मेडिकल डा. एचबी मोहंती, आईपीएस व आईजी नीलाभ किशोर,डिप्टी आईजी मेडिकल डा. प्रदीप कुमार गोयल, मैक्स अस्पताल के डा. वैभव छाछरा, डा. राहुल अवस्थी, डा. पंकज झल्डियाल, डा. अमर उपाध्याय, डा. सुनिल कुमार थपलियाल, डा. विवेक माथुर आदि मौजूद थे।

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