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विद्युत विभाग में मजदूरों की भर्तियोंं पर प्रतिबंध सहित विद्युत आपूर्ति फ्रेंचाइजी कम्पनियों को दिए जानें सहित आदि मांगों को लेकर महाराष्ट्र प्रदेश में विद्युत कर्मियों की हड़ताल के साथ पडघा विद्युत संयंत्र में कार्यरत लगभग 105 मजदूर भी 3 दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं। विद्युत संयंत्र के मजदूरों के 3 दिवसीय हड़ताल में शामिल होनें से संयंत्र कार्यों में दिक्कत होनें के आसार हैं। उक्त जानकारी अभियंता शिवलिंग हुन्डेवाले द्वारा दी गई है।
 विद्युत  भियंता हुन्ड़ेवाले द्वारा प्राप्त  जानकारी के अनुसार, राज्य शासन द्वारा काफी वर्षों से विद्युत विभाग में मजदूरों की भर्तियों के संंबंध में प्रतिबंध लगा दिया है  जिससे विद्युत संयंत्रों की देखभाल में कठिनाई झेलनी पड़ रही है एवं विद्युत आपूर्ति का कार्य फ्रेंचाइजी कम्पनियों को दिए जानें से विद्युत कर्मियों की रोजी रोटी पर भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है। विद्युत मजदूरों की मांग है कि, विद्युत मजदूरों की भर्तियाँ अविलंब शुरू की जाए व पुरानी पेंशन योजना शुरू करें और मजदूरों की तमाम मांगों को मान्य किया जाय। विद्युत मजदूरों की 3 दिवसीय हड़ताल से पडघा स्थित एमईसीडीसीएल कम्पनी के कार्यक्षेत्र में आनें वाले 500, 400, 220, 100/22 केवी क्षमता के विद्युत उपकेंद्र में कार्यरत 105 तांत्रिक मजदूर एवं अभियंता शामिल हैं। उक्त   विद्युत उप केंद्रों से मुम्बई, ठाणे, नवी मुंबई, मुंबई जल शुद्धिकरण आदि केंद्रो पर  विद्युत आपूर्ति की जाती है। मजदूर हड़ताल में शामिल विद्युत मजदूर राजेश अहिरे नें कहा कि, हमारी मांगें पूर्णतया जायज हैं। सरकार विद्युत मजदूरों के साथ घोर अन्याय कर रही है जो हमारेे लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई है। 





विद्युत विभाग में मजदूरों की भर्तियोंं पर प्रतिबंध सहित विद्युत आपूर्ति फ्रेंचाइजी कम्पनियों को दिए जानें सहित आदि मांगों को लेकर महाराष्ट्र प्रदेश में विद्युत कर्मियों की हड़ताल के साथ पडघा विद्युत संयंत्र में कार्यरत लगभग 105 मजदूर भी 3 दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं। विद्युत संयंत्र के मजदूरों के 3 दिवसीय हड़ताल में शामिल होनें से संयंत्र कार्यों में दिक्कत होनें के आसार हैं। उक्त जानकारी अभियंता शिवलिंग हुन्डेवाले द्वारा दी गई है।
 विद्युत  भियंता हुन्ड़ेवाले द्वारा प्राप्त  जानकारी के अनुसार, राज्य शासन द्वारा काफी वर्षों से विद्युत विभाग में मजदूरों की भर्तियों के संंबंध में प्रतिबंध लगा दिया है  जिससे विद्युत संयंत्रों की देखभाल में कठिनाई झेलनी पड़ रही है एवं विद्युत आपूर्ति का कार्य फ्रेंचाइजी कम्पनियों को दिए जानें से विद्युत कर्मियों की रोजी रोटी पर भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है। विद्युत मजदूरों की मांग है कि, विद्युत मजदूरों की भर्तियाँ अविलंब शुरू की जाए व पुरानी पेंशन योजना शुरू करें और मजदूरों की तमाम मांगों को मान्य किया जाय। विद्युत मजदूरों की 3 दिवसीय हड़ताल से पडघा स्थित एमईसीडीसीएल कम्पनी के कार्यक्षेत्र में आनें वाले 500, 400, 220, 100/22 केवी क्षमता के विद्युत उपकेंद्र में कार्यरत 105 तांत्रिक मजदूर एवं अभियंता शामिल हैं। उक्त   विद्युत उप केंद्रों से मुम्बई, ठाणे, नवी मुंबई, मुंबई जल शुद्धिकरण आदि केंद्रो पर  विद्युत आपूर्ति की जाती है। मजदूर हड़ताल में शामिल विद्युत मजदूर राजेश अहिरे नें कहा कि, हमारी मांगें पूर्णतया जायज हैं। सरकार विद्युत मजदूरों के साथ घोर अन्याय कर रही है जो हमारेे लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई है। 


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