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समस्तीपुर लोकसभा सुरक्षित क्षेत्र से प्रतिनिधित्व कर रहे लोजपा सुप्रीमों रामविलास पासवान के छोटे भाई रामचंद्र पासवान द्वारा क्षेत्र की उपेक्षा किये जाने का आरोप लोगो द्वारा लगातार लगाया जा रहा है. इसको लेकर न केवल मतदाताओ में आक्रोश है बल्कि लोग यह कहते भी सुने जा रहे है कि इस बार के चुनाव में परिणाम चौंकाने वाला होगा. इस संबंध में जब यह प्रतिनिधि समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र के लोगों से जानकारी ली तो पता चला कि 90 प्रतिशत लोग गुस्से में यह कहते हुए सुने गये कि पिछली बार की चुनाव में एनडीए गठबंधन के चुनावी चेहरा नरेंद्र मोदी को लेकर मतदाताओ ने रामचंद्र पासवान को अपना सांसद बनाया था.
 लेकिन पिछले 5 सालों के दौरान इस  क्षेत्र के प्रतिनिधित्व करने वाले पासवान विकास की कसौटी पर खड़े नहीं उतरें. बल्कि सांसद योजनाओं में 20% कमीशन लेने की भी चर्चा जोरों से है. इस बात को लेकर मतदाताओं में न केवल मायूसी है बल्कि इन सबों में काफी आक्रोश भी देखा जा रहा है. समस्तीपुर शहर के पंजाबी कॉलोनी गली नंबर 1 के रहने वाले अवकाश प्राप्त जितेंद्र नारायण चौधरी बताते है कि समस्तीपुर शहर की एक भी ज्वलंत समस्या का निदान सासंद के द्वारा नहीं किया गया है. जबकि केंद्र एवं राज्य में एनडीए की सरकार है. उन्होने बताया कि शहर के भोला टॉकिज रेल फाटक पर फ्लाइओवर की मांग काफी दिनों से लोगो द्वारा की जा रही है.
साथ ही साथ शिक्षक नेताओं ने कहा कि पिछले 2012 से राज्य के करीबन 250 डिग्री संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मियों का अनुदान की राशि बकाया है भुगतान की दीक्षा में  कोई  पहल नहीं की गई है लेकिन इस छोटी सी आम समस्या का भी निदान सांसद द्वारा नहीं किया जा सका. इसी तरह शहर के मशहूर दंत चिकित्सक डा. यू.सी झा का कहना है कि समस्तीपुर शहर से 1 किलोमीटर पर स्थित जितवारपुर गांव के पास खुलने वाले मेडिकल कॉलेज को भी उजियारपुर से सांसद नित्यानंद राय एवं रंजन के  विधायक  विजय चौधरी अपने क्षेत्र में स्थापित करवा रहें है. लेकिन यहां के सांसद एक बार भी इस संबंध में विरोध प्रकट नहीं कर सकें. जानकारी लेने के क्रम में समस्तीपुर न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता विमल किशोर राय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूर्व के सांसदो ने ही इस क्षेत्र का  जो विकास किया उसके बाद यहां विकास की रौशनी पूरी तरह से थम गयी. उन्होने कहा कि वर्तमान सांसद राम चंद्र पासवान अगर चाहते तो मोदी सरकार में समस्तीपुर विकास के मामले में काफी आगे चला  जाता. लेकिन 5 सालों में देखा जाये तो विकास की उपलब्धि पूरी तरह से शून्य पर आकर अटक सी गयी है. उन्होने उदाहरण के तौर पर बताया कि समस्तीपुर में रेल मंडल का मुख्यालय होते हुए भी यहां से किसी भी प्रदेश के लिए कोई ट्रेन भी नहीं खुलती है. जबकि सांसद चाहते तो कई ट्रेने यहां से दूसरे प्रदेशो के लिए खुलती. इसी तरह अन्य लोगो ने भी उदाहरण देते हुए यह कहा कि जिस तरह एनडीए का समीकरण बन रहा है और ऐसी स्थिति में पुनः राम चंद्र पासवान को ही यहां से उम्मीदवार बनाया जाता है तो स्थिति पिछले चुनाव की तरह नहीं होगी. कई युवाओं ने यह भी कहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा किए गए घोषणा प्रत्येक वर्ष दो करौली युवाओं को नौकरी दी जाएगी लेकिन कोई भी वादा पूरा नहीं होने के बावजूद भी सांसद एक बार पार्लियामेंट में कोई प्रश्न नहीं उठाया जिससे युवाओं में काफी आक्रोश है
अब मतदाता जागरूक हो गयें है. लोगो का यह भी आरोप है कि जब भी सांसद राम चंद्र पासवान समस्तीपुर आते है अपने दो-चार चहेते पत्रकारों के साथ बैठकर बात करके चले जाते है. कई क्षेत्र के लोगो ने बताया कि पिछले चुनाव में जो सांसद का दर्शन हुआ था. उसके बाद उनका चेहरा भी लोग नहीं देख पाये है. ऐसी स्थिति में मतदाता क्या करेंगे. इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है.

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