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इंदौर : आल मीडिया जर्नलिस्ट सोशल वेलफेयर एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष विनायक अशोक लुनिया ने देश के 19 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर मीडिया संगठन एवं जैन मीडिया सोशल वेलफेयर सोसयटी के बैनर तले संचालित होने जा रहे स्वास्थ योजना "आरोग्य दानं" से अवगत करवाया, श्री लुनिया ने पत्र में बताया कि देश भर में कितनी बड़ी तादात में दवाओं की बर्बादी हो रही है तो वहीं देश बड़ी तादात में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग दवाओं के अभाव में दम तोड़ रहे है। सरकार भी कई स्वस्थ वर्धक योजनाए चलती है। किंतु उसमे सरकार का एक मोटा रकम भी खर्च होता है। लेकिन "आरोग्य दानं" आम जनता के पास से बची हुई दवाओं को प्राप्त करके, दवा बाजार एवं मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव से भी दवाओं का सहयोग लेकर जरूरतमंद मरीजों को दवा निःशुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा। श्री लुनिया ने कहां की उक्त योजना से सरकार पर भी स्वास्थ्य संबंधित दवाओं में दिए जाने वाले अनुदान के बोझ में कमी आएगी।
योजना प्रभारी राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव चौरसिया ने बताया कि उक्त योजना संस्थापक अध्यक्ष विनायक अशोक लुनिया जी के द्वारा संस्थापक स्व. श्री अशोक जी लुनिया जी को श्रद्धांजलि स्वरूप होगा। उक्त योजना का कुशल नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन कासलीवाल जी करेंगे वहीं योजना को सम्पूर्ण देश मे पहुंचने एवं कुशल संचालन की जिम्मेदारी देश भर से संगठन का प्रतिनिधित्व करने वाले 41 पदाधिकारियों की रहेगी। जो कि अपने क्षेत्र में योजना संबंधित समिति का गठन कर योजना का संचालन करेंगे।

क्या है आरोग्य दानं, कैसे करेंगे कार्य - आरोग्य दानं योजना भारत मे प्रतिदिन अनुपयोगी दवाएं एक्सपायर होने के कारण बर्बाद हो जाती है जिसका देश भर में नियुनतम अनुमानित मूल्य 2 करोड़ रुपये प्रतिदिन के करीब आंका गया है। वही देश भर में केंद्र व राज्य सरकारों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं में निःशुल्क दवा व सहायता राशि से कम मूल्यों पर दवा उपलब्ध करवाने में सरकार करोड़ो रूपये प्रतिदिन का अनुदान देती है। आरोग्य दानं योजना उन अनुपयोग दवाओं को अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से एकत्रित कर स्वास्थ विभाग / चिकित्सज्ञों के सहयोग से शिविर व सेंटरों के माध्यम से जरूरतमंद गरीब मरीजों को निःशुल्क रूप से दवाएं उपलब्ध करवाएगी। जिससे जरूरत मंद को जहां दवाये प्राप्त हो जाएगी वही उपयोग में ना आ पाने के कारण घरों में पड़ी-पड़ी दवाये एक्सपायर हो जाने से देश मे करोड़ो रुपयों की बर्बादी होने से बचेगी जिसके फल स्वरूप सरकारों को अनुदान के साथ सस्ती या निःशुल्क दवाएं उपलब्ध करवाए जाने वाले योजना में आर्थिक बचत होगा जो कि देश हित मे अन्य कार्यों में लगाया जा सकेगा।

क्या चाहिए सहयोग- स्थानीय स्वास्थ विभाग - हमे प्रदेश के प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य विभाग से जिले के समस्त तहसील में एक चिकित्सज्ञ की सुविधा की जरूरत होगी जो कि मरीजो को जरूरत की दवाये हमारे स्टॉक के अनुसार सबस्टीटयूट दे सके जिसपर हमारे द्वारा नियुह्म स्वास्थ्य सेवा सहयोगी दवा का निःशुल्क वितरण कर सके।
स्थानीय जिला प्रशासन- स्थानीय जिला प्रशासन का सहयोग, स्थानीय जिला प्रशासन का सहयोग इस योजना में बेहद महत्वपूर्ण है। हमे जिला प्रशासन से क्षेत्र की जनता को इस योजना में जुड़ने के लिए प्रोहत्साहित करने में सहयोग की आवश्यकता है। जिला प्रशासन के द्वारा स्वास्थ केंद्रों में आरोग्य दानं योजना के लिए एक सहयोग डेस्क की भी जरूरत रहेगी।
यातायात में सहयोग - योजना के संचालन एवं प्रचार के लिए सम्पूर्ण प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग एवं कार्यकर्ता व प्रचारक समिति द्वारा यातायात के दौरान टोल नाको पर संगठन के कार्यकर्ताओं को टोल छूट हेतु प्रशासन के द्वारा मान्यता पत्र जारी करने में सहयोग।
स्थानीय पुलिस प्रसाशन से सहयोग - उह्म योजना में संगठन के माध्यम से सेवा कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं का थाना क्षेत्र स्तर पर संगठन के द्वारा परिचय पत्र को अधिकृत कर कार्य मे सहयोग प्रदान करने की अपेक्षा।
इन राज्यों में होगा योजनाओं का संचालन - मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखण्ड, कर्णाटक, महाराष्ट्र, ओड़िशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, चण्डीगढ़, दिल्ली एवं पुडुच्चेरी में योजनाओं का संचालन संगठन के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारीगण द्वारा प्रसाशन के सहयोग से नियमानुसार किया जायेगा।

पूर्ण योजना होगी ऑनलाईन मोनिटराईज - सम्पूर्ण दान मे प्राप्त दवाओं का विवरण एवं दान दाताओं का नाम पता मोबाईल न. वेबसाईट पर अंकित किया जायेगा जिससे यह पता चल सकेगा कि कितने मूल्य कि दवायें दान प्राप्त हुआ है वहीं योजना का लाभ लेने वाले मरीजों का भी विवरण नाम, पता , मोबाईल न. व डॉक्टर का पर्चा ऑनलाईन होगा अपडेट।

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