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 स्वदेश मालवीय
मुंबई:बीएमसी स्कूलों को लेकर इन दिनों पालिका प्रशासन सुस्ती दिखा रही है तो वहीं नगरसेवक शिक्षिका अपनी ओर से क्वॉलिटी मेंटेन करने के लिए चुस्ती दिखा रही है हाल ही में संपन्न हुई. शिक्षण सुधार समिति में नगरसेविका सईदा खान ने स्कूलों में हो रही दीमक और अस्पताल में कॉकरोच के विषय को लेकर एडुकेशन और हेल्थ पर प्रश्न खड़े किए. उन्होंने कहा स्कूलों में हो रही दीमक और अस्पतालों में पनप रहे काकरोच के मुद्दे को लेकर प्रशासन सुस्ती दर्शा आ रही है उनके पास एसी कोई दवा नहीं है जिसकी वजह से स्कूलों और अस्पताल में हो रहे दीमक काकरोच पर रोक लगाई जा सके .लेकिन इसके लिए इंप्लीमेंट्स होना बहुत जरूरी शाहिदा खान ने बताया है उन्होंने एचपी स्कूल का उदाहरण देकर कहा है 2013 और 14 के बीच में इस स्कूल की खस्ता हालत पर प्रशासन ने खर्चा किया था उसके बाद भी अब एचपी स्कूल में कई जगह पर दीमक लग गई है बरहाल एचपी, स्कूल से दीमक हटाने का कार्य और उसके मरम्मत करने का कार्य चल रहा है शाहिदा खान ने इस मुद्दे पर प्रश्न उठाते हुए कहा हैं कि महापालिका के पास दीमक या काकरोच मारने की
कोई दवा नहीं है इसकी वजह से उन्हें निजी एजेंसी को देनी पड़ती है. लेकिन ठेकेदारों के पास 5 साल के लिए ऐसी कोई कंट्रोल पॉलिसी नहीं है कि इसे समय रहते साफ- सुरक्षित किया जाए. बता दे शाहिदा खान ने पिछले महीने सायनअस्पतालों में हो रहे कॉकरोच के मुद्दे को उठाया था लेकिन प्रशासन यह बोलकर हाथ उठा लेती कि उनके पास ऐसे कीटनाशक दवा मौजूद नहीं है. जिनकी वजह से काकरोच खत्म नही किये जा सके. इसके लिए उन्हें निजी एजेंसी को ऐसा काम देना पड़ता है लेकिन इस एजेंसी को ठेका देने का खर्चा कितना होता है ?हमारे संवाददाता द्वारा पूछे गए सवाल पर नगरसेविका डॉक्टर सईदा खान ने कहा कि यह मामला प्रशासन के पास है उनके पास इसके खर्च की पूरी लिस्ट मौजूद है। शाहिदा खान ने शिक्षण सुधार समिति में एक मुद्दा और उठाया शिवाजी नगर के गोवंडी स्कूल और रफीक नगर में मौजूद स्कूलों के विद्यार्थियों में 27 वस्तुएं मोहीया नहीं कराई गई है जबकि 3हजार स्कूली विद्यर्थियो में इसके अलावा स्कूली बेग वितरित किये गए है उनके वार्ड में ही चारे से स्कूल है जिसमें एचपी, जुम्मा मस्जिद, नरीमन लेंस और गणेश बाग स्कूलों मे भी वितरित किए गए करीब 180 बैग ठीक नहीं है वितरित किए गए स्कूली बच्चों में बैग में से करीब आधे से ज्यादा बैग खराब हैं जिन्हें वापस करके अच्छे बैग मोहिया कराए जाएं जाए जिससे स्कूलों की क्वालिटी बरकरार रहे.

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