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मुंबई, दि. 5 : विश्व में भारत देश युवाओं की तादाद बड़ी संख्या में रहनेवाला देश है। आगामी वर्ष २०२० तक ६० फीसदी जनसंख्या ३५ वर्ष तक के आयु वाले लोगों की होगी,  लेकिन दूसरी ओर भारत मधुमेह की राजधानी बन रहा है। इसके अलावा मोटापे में देश विश्व में तीसरे स्थान पर है। हमारे युवा तंदुरुस्त एवं स्वस्थ रहे, इसके लिए क्रीडा यह विषय शिक्षा में शामिल करना चाहिए। स्कूल से लेकर महाविद्यालय के छात्रों तक सभी ने दिन में कम से कम एक घंटा खेलने के लिए देना चाहिए। यह  विचार व्यक्त करते हुये सभी विश्वविद्यालयों में ‘युवा एवं स्वस्थ्य’ मुहिम चलाने की बिनती भारतरत्न सचिन तेंडूलकर ने राज्यपाल की ओर की।

गत गुरुवार को सचिन तेंडूलकर ने राजभवन में राज्यपाल चे. विद्यासागर राव से मुलाक़ात की, इस दौरान वह बोल रहे थे।

 इस दौरान क्रीडा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव वंदना कृष्ण, उच्च एवं तकनीक शिक्षा सचिव सौरभ विजय, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के कुलपति नितीन करमलकर, क्रीडा पत्रकार सुनंदन लेले, डॉ. जयश्री तोडकर  उपस्थित थे।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में क्रीडा संस्कृति रहें इसके लिए पहल करने पर सचिन तेंडूलकर का अभिनंदन किया। साथ ही इस मुहिम के लिए हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा की ‘युवा एवं स्वस्थ भारत’ अभियान के लिए  कॉर्पोरेट क्षेत्र का  सामाजिक दायित्व निधि भी मिल सकता है। आदिवासी तथा दूर-दराज क्षेत्र के खिलाड़ियों को मदद करने की भूमिका पर राज्यपाल ने सचिन तेंडूलकर का स्वागत किया।

 इस वर्ष के मई महीने में सचिन तेंडूलकर ने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय को भेट देकर ‘युवा एवं स्वस्थ भारत’ अभियान चलाने के लिए पहल की थी। यह अभियान राज्य के सभी विषविद्यालयों में चलाने की दृष्टि से तेंडूलकर ने राज्यपाल से चर्चा की।

भारत यह देश क्रीडाप्रेमी देश है और अब यह देश प्रत्यक्ष रूप से खेल खेलनेवाला देश होना चाहिए। छोटे बच्चों में खेल के प्रति रुचि तथा बच्चों को खेल में बढ़ावा देनेवाले उत्तम प्रशिक्षक देश के लिए चाहिए। देश में कई निवृत्त खिलाड़ी है, उनकी सेवा प्रशिक्षक के रूप में होगी, यह विचार भी तेंडूलकर ने इस दौरान व्यक्त किए।

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