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स्वदेश मालवीय

मुंबई : शहर और उपनगर में  बदलते मौसम की वजह से इस अक्टूबर 2018 में गर्मी बढ़ चली है  बढ़ते तापक्रम की वजह से हर दूसरे घर का  मुंबईकर सदस्य जानलेवा बिमारी की चपेट में आने लगा है . महापालिका के सार्वजनिक आरोग्य विभाग के अहवाल के अनुसार,सितंबर  के महीने में शहर-उपनगर से डेंग्यू के पाच लोगो की जान जा चुकी है जबकि लेप्टो से एक कि मौत हुई हैं. पिछले साल सितंबर में लेप्टो और डेंग्यू की वजह से लगभग १२ लोगोंकी मौत हुई थी . साथ ही मुंबई में इस साल में पहिला स्वाइन फ्लू का रोगी मिलने का रिकॉर्ड अहवाल में है जिसका की अस्पताल में उपचार चल रहा हैं.सितंबर महीने में ४ हजार ३६५ डेंग्यू के लक्षण निवासियों में पाए गए हैं जिनका भी पालिका के विविध अस्पताल में , दवाखाना में इलाज चल रहा है. डेंगु के वजह से हुईं मौत में  कांदिवली पूर्व आकुर्ली मार्ग के १३ वर्षीय बच्चे का समावेश है.इस बच्चे को लगातार  ४  से ५ दिन से बुखार और उल्टियां हो रही थी . उसके बाद उसे  २६ सितंबर के दिन निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था . जहां से पालिका अस्पताल में दुबारा ले जाया गया था. जिस पर विशेष तौर पर ध्यान रखकर इलाज किया जा रहा था. आखिर २८ को उसकी मौत हो गई.उसी तरह एक सप्ताह लंडन यात्रा करकें लौट ४२ वर्षीय वालकेश्वर के निवासी महिला की डेंग्यू से मौत होने का मामला दर्ज किया गया.२० सितंबर को महिला को बुखार शरीर की पीड़ा, जी मचलाना की शिकायत को लेकर निजी अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड भर्ती कराया गया था. २८  सितंबर को उसकी   मौत हो गई.. पालिका द्वारा लिए गए विशेष मुहिम में २ हजार ६७ घर के ६ लाख ५० हजार ११७ लोकसांख्य की जांच की गई . मोहिम में डास से ४ हजार ७९३ उत्पत्ती होने की वजह से उस पर कीटकनाशक दवा का छिड़काव भी किया गया है. साथ २२ हजार ४७३ डास उत्पत्ती स्थल पर कीटनाशक दवा का छिडकाव करके नष्ट किया गया है.
पिछले एक साल का रिकार्ड
सितंबर २०१७से  सितंबर २०१८ तक रोगियों की स्थती..!

मलेरिया     :८४९ ० ६२५ ०
लेप्टो         :५९ ३ २७ १
डेंग्यू          : ४१२ १२ ३९८ ५
स्वाइन फ्लू :३३ ० १ ०
गॅस्ट्रो         :५३२ ० ४४५ ०
हेपेटायटिस :१०५ ० १११ ०
कॉलरा       :२ ० १ ०

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