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भिवंडी। एम हुसेन ।।मशहूर आलिमेदीन (धर्मगुरु) मौलाना ताहिर मदनी की अध्यक्षता में स्थानीय सलाहुद्दीन अय्यूबी मेमोरियल स्कूल्स एंड कालेज में शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में भिवंडी परिमंडल - 2 के पुलिस उपायुक्त अंकित गोयल, स्तंभकार शमीम तारिक, पीपल्स वेल्फेयर एसोसिएशन के महासचिव जलीस अहमद आजमी, यूनिवर्सल जूनियर कालेज मुंब्रा के प्राचार्य आरिफ उस्मानी, मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के क्षेत्रीय निदेशक डॉ अबुल बरकात, विद्यालय प्रबंध समिति के राशिद अहमद खान, खलीक अहमद शेख, नुजहत फरहीन सिद्दीकी, अतिया बदीउज्जमा खान, राना साम्या, रियाज अहमद मोमिन, खुर्शीद अनवर, मौलाना औसाफ फलाही, विद्यालय के सभी शिक्षकगण और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े भिवंडी, मुंब्रा और मुंबई के मान्यवर एक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
    मौलाना ताहिर मदनी ने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य श्रेष्ठ मनुष्य तथा सुसंस्कृत नागरिकों का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि अध्यापन कार्य एक पेशा नहीं, बल्कि एक मिशन है। शिक्षकों को यह कार्य अल्लाह की इबादत समझ कर करना चाहिए। एक शिक्षक की जिंदगी छात्रों के लिए आदर्श होनी चाहिए। उसे बाल मनोविज्ञान, प्रभावी शिक्षण विधि तथा अपने विषय में माहिर होना चाहिए। उसे बच्चों के साथ प्रेम एवं सहानुभूति का रवैया अपनाना चाहिए। बच्चों का निरंतर उत्साहवर्धन करना चाहिए। कभी भी बच्चों के साथ भेदभाव का व्यवहार नहीं करना चाहिए। एक शिक्षक को सदैव सकारात्मक सोच एवं आशावादी दृष्टिकोण अपनाते हुए बड़ी ही ईमानदारी के साथ देश के भावी नागरिकों को संवारने का पुण्यकार्य करना चाहिए। एक शिक्षक के लिए इससे बड़ी प्रतिष्ठा,  सम्मान और हर्ष क्या हो सकती है कि अल्लाह के रसूल हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि मैं एक मुअल्लिम (शिक्षक) बना कर भेजा गया हूं ।
    विशेष अतिथि के रूप में मौजूद पत्रकार एवं आलोचक शमीम तारिक ने डाक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन के दार्शनिक पहलुओं पर भरपूर प्रकाश डाला । उन्होंने कहा कि अपने जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप मनाने की अनुमति देकर डाक्टर राधाकृष्णन ने अपने सुशील एवं उदार चरित्र का परिचय ही नहीं दिया बल्कि देश और समाज के लिए शिक्षकों के महत्व को भी रेखांकित किया है।
शमीम तारिक ने कहा कि आज का युग ज्ञान - विस्फोट का युग है। शिक्षकों के समुचित मार्गदर्शन के अभाव में छात्र अंधेरे में भटक सकता है।
   होनहार भिवंडी पुलिस उपायुक्त अंकित गोयल ने कहा कि सूचना क्रांति के इस दौर में शिक्षा पर अब शिक्षकों का एकाधिकार नहीं रह गया है मगर ज्ञान प्राप्ति के विवेक पूर्ण मार्गदर्शन हेतु शिक्षकों की उपयोगिता में कमी नहीं आई है। भारत की सामाजिक संस्कृति, सहिष्णुता एवं राष्ट्रीय भावनाओं की रक्षा व विकास की जिम्मेदारी शिक्षकों के समक्ष एक बड़ी चुनौती है।
          पीपल्स वेल्फेयर एसोसिएशन के महासचिव जलीस अहमद आजमी ने आए हुए अतिथियों का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। उन्होंने विद्यालय की प्रगति एवं बेहतरीन परीक्षा परिणाम के लिए शिक्षकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छात्रों के शैक्षिक विकास के साथ साथ उनका चारित्रिक विकास करना शिक्षकों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
         यूनिवर्सल जूनियर कालेज, मुंब्रा के प्रधानाचार्य आरिफ उस्मानी ने क्वालिटी एजुकेशन के लिए शिक्षा के पांच क्षेत्रों में छात्र, शिक्षक, अभिभावक, प्राचार्य और मैनेजमेंट के सम्मिलित प्रयास को आवश्यक बताया। मौलाना आरिफ मुहम्मदी के तिलावते कलाम से समारोह का शुभारंभ हुआ। शिक्षक मजहर पटेल ने सफल संचालन किया और प्राचार्या नुजहत फरहीन सिद्दीकी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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