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भिवंडी। एम हुसेन ।मरीजों का उपचार करने के लिए वैद्यकीय व्यवसाय का कानूनी रूप से लाइसेंस नहीं होने के बावजूद विविध वैद्यकीय साधन का उपयोग कर शहर के नारपोली ७२ गाला जैसे मजदूर बस्ती क्षेत्र में बोगस वैद्यकीय व्यवसाय करने वाले डॉक्टर पर भिवंडी मनपा के वैद्यकीय अधिकारियों ने नारपोली पुलिस की सहायता से  बुधवार की रात को छापा मार कार्रवाई की है। उक्त कार्रवाई में पुलिस ने बोगस डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार रामलाल  दलसिंगार वर्मा (४८) नामक बोगस डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। वह डॉक्टर शहर के नारपोली क्षेत्र में नर्मदानगर स्थित अशिक्षित व गरीब नागरिक तथा मजदूरों का लाभ उठाते हुए पूर्व पंद्रह वर्षों से मरीजों का बोगस उपचार करने की जानकारी मनपा वैद्यकीय विभाग को प्राप्त होने के बाद वैद्यकीय अधिकारी डॉ.जयवंत धुले व डॉ.अभिषेक थले ,लिपिक सुनिल पगारे ने वैद्यकीय व पुलिस पथक के साथ डॉ.वर्मा के दवाखाने पर छापा मारा था इस छापामार कार्रवाई में उनके पास राज्य शासन का वैद्यकीय लाइसेंस नहीं मिला। डॉ वर्मा ने जांच के दौरान पथक को  नॅचरोपॅथी ,योगा ,व ऍक्युपंक्चर पारंपारीक (डीएएमएस  सीएएम ) का प्रमाण पत्र दिखाया। इनके पास महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (एमएमसी )का भी प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं था। तथा दवाखाने में अॅलिओपथी उपचार का साधन व औषध मिली। इसलिए वैद्यकीय साहित्य जब्त करते हुए पुलिस ने बोगस डॉ.रामलाल दलसिंगार वर्मा को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है और गुरुवार को भिवंडी न्यायालय में पेश किया जिन्हें मा न्यायालय ने दो दिन की पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है। उक्त मामले की विस्तृत जांच  वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुरेश जाधव के मार्गदर्शन में की जा रही है। 

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