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 -जड़ और जमीन से जुड़े कार्यकर्ता रहे उपेक्षित, चापलूसों की रही भरमार
-विंध्याचल में काषी, गोरक्षा प्रांत से जुड़े बैठक में सहयोगी दल अद का दिखा अभाव 


मीरजापुर,हिन्दुस्तान की आवाज, संतोष देव गिरी

मीरजापुर। आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी संगठन से जुड़े लोगों को मंथने और संगठन के ढीले पेंस को कसने के उद्देष्य से आये भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित षाह की समीक्षा बैठक पूरी तरह से गुटबाजी की भेंट चढ़ कर रह गई। पार्टी के कई पुराने और जमीनी कार्यकर्ता उपेक्षित इधर-उधर घूमते दिखलाई दिए जो स्वयं की उपेक्षा से आहत होने के साथ खुल कर कुछ बोलने की बजाए पार्टी संगठन मंे चल रही गुटबाजी और उपेक्षा की नीतियों से न केवल आहत दिखलाई दिए हैं बल्कि काफी खिन्न भी नजर आये। एक कार्यकर्ता ने तो यहां तक कह दिया कि पार्टी ने इस बार सोच समझ कर निर्णय लेने के साथ लोकसभा चुनाव में स्थानीय को स्थान देने की बजाय बाहरी को थोपने का प्रयास किया तो पार्टी को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। बताते चले के सूबे के गोरखपुर, फूलपुर और कैराना में हुए उप चुनावों में पार्टी की करारी हार और हुई किरकिरी से आहत पार्टी संगठन जहां समीक्षा करने में जुटा हुआ है वहीं संगठन के ढ़ीले पेंस कसने के साथ भाजपा और उसके सहयोगी दलों के मंूड भांपने के लिए बुधवार को विंध्याचल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित षाह प्रदेष के गोरक्षा और काषी प्रांत की समीक्षा बैठक में भाग लेने आये हुए थे। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित उत्तर प्रदेष के उप मुख्यमंत्री दिनेष षर्मा, प्रदेष के वित्त मंत्री एंव जिले के प्रभारी राजेष अग्रवाल, कृिष मंत्री सूर्यप्रताप षाही, नंदगोपाल नंदी, स्वामी प्रसाद मौर्या, बृजेष पाठक सहित जिले सहित पूर्वांचल के कई विधायक और सांसद भी मौजूद रहे हैं। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों संग सांसदों और विधायकों को तालमंेल बनाकर चलने की नषीहत दी गई तो वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव को एक चुनौती के तौर पर लेते हुए जीत की रणनीत पर बल दिया गया। वहीं बैठक से इतर अपने को अलग-थलग महससू कर रहे पार्टी के जड़ कहे जाने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का दर्द कुछ अलग ही बयां कर रहा था। भारतीय जनसंघ के जमानंे से भाजपा की स्थापना होने से तक जुड़े कार्यकर्ताओं का दर्द उस समय छलक उठा जब भीड़ में तमाम दूसरे दलों से आयातित लोगों को गले में केषरियां दुपट्टा डाले सांसद, विधायकों, मंत्रियों के आगे पीछे परिक्रमा करते देखे गए। उन्हीं लोगों में से कुछ पुराने कार्यकर्ताओं ने नाम न छापने की षर्त पर कहा कि आज भाजपा दल में पुराने और जड़ और जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं की कोई पूछ नहीं हैं। जबकि दुसरे दलों से होकर आये तमाम ठेकेदार और दलालों का जमावड़ा होने लगा है। जिनका कोई धर्म और पार्टी के प्रति निष्ठा नहीं है केवल वह सत्ता के करीब बने रहने के लिए भाजपा में आये हुए है जो पार्टी की लुटिया डुबोने का काम कर रहें हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्यों बीजेपी अध्यक्ष अमित षाह 2019 के मिषन को इन्हीं चाटूकारों के बल पर फतह करेगें? 

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