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सरकार और विभाग बने बैठे मोन, आखिर कब जागेंगे
राजगढ़ कस्बा अलवर जिले की शान है और जिले की सबसे बड़ी तहसील भी राजगढ़ ही कहलायी जाती है लेकिन इतनी बड़ी तहसील होकर भी राजगढ़ मैं रोडवेज बस की सुविधा का आभाव हजम सा नही होता राजगढ़ मैं बस स्टैंड तो है लेकिन बस नही चलती केवल नाम का दिखावे का रह गया बस स्टैंड करीब लाखो रूपये की लागत से तैयार किया गया था परन्तु बसो के आभाव के कारण हार गया यहाँ कुछ समय पहले 2 या चार  बसे आया तो करती थी परन्तु अब 1 भी बसो का संचालन नही होता लोगो का कहना है की सरकार और विभाग आमजन को सुविधाओ की दुहाई देते नही थकते परन्तु जब बात राजगढ़ कस्बे के बस स्टैंड की हो तो सब चुपी साध लेते है क्योकि यहाँ सबको मालूम है की कुछ भी कर लो जब तक सरकार और क्षेत्रीय प्रशाशन और रोडवेज विभाग कुछ ठोस कदम नही उठायेगे जब तक राजगढ़ बस स्टैंड का विकास सम्भव नही लगता क्योकि आमजन का कहना है की बस स्टैंड से चलने वाली बसे अब मेला का चौराहा ( बाईपास) ही निकल जाती है क्षेत्रीय बस स्टेण्ड पर तो खाली सन्नाटा रहा गया है और केवल मात्र एक नाम का बस स्टैंड बनकर रह गया है अब इस बस स्टैंड  पर आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है दूसरी ओर पूरे में गंदगी फैली हुई है वही अब इस बस स्टैंड से निजी वाहन चलते है जब इस बारे मैं राजगढ़ क्षेत्र के गणमान्य लोगो से इस मामले को लेकर बातचीत की गयी तो उन्होंने भी साफ़ - कह दिया की यह बस स्टेण्ड को चालू करना बिना पहिये की गाडी मैं धक्का देने के बराबर रह गया है क्षेत्रीय लोगो का कहना है कई बार विभाग और सरकार को लिखित और मोकिख रूप मैं अवगत कराया लेकिन सब ख़ाली हाथ रहा गया और भी कई राजनैतिक पार्टियो से जुड़े लोगो ने बताया की कई बार रोडवेज बस स्टैंड की दशा सुधारने और स्थाई रूप से बसो का संचालन जारी रखने के लिए कई बार प्रयास किये कई बार धरना भी दिया लेकिन सरकार और विभाग के द्वारा मिला तो केवल खाली खोखला आश्वाशन और हाथ लगी तो केवल निराशा अब बस स्टेण्ड के हालात इसे है की मात्र बस स्टेण्ड राजगढ़ केवल एक नाम है क्योकि ना तो बस है और ना यात्रा पढ़ने वाले विद्यार्थीयो बताया की आसपास से पढ़ने आने मैं कठनाई का उन्हें सामना करना पढ़ रहा है या तो उन्हें अब निजी बसो या  अन्य साधन और जुगाड़ करके दूर दराज से पढ़ने आना  पढ़ता है विद्यार्थीयो का कहना था की अगर यह बस स्टेण्ड चालू हो जाये तो। उन्हें आनेजाने की भी परेशानी भी खत्म हो जायेगी दूसरी और सभी क्षेत्रवासियों को और सफर करने वाले को भी सुविधा का लाभ हो सकेगा बस स्टेण्ड का हाल है की यहाँ यात्रा करने के लिए यात्री भी है बस स्टेण्ड भी है परन्तु बस नही है और बस नही होने के कारण यात्रियों को यात्रा करने मैं परेशानियो का सामना करना पढ़ रहा है  बस स्टेण्ड के आसपास के  कॉलोनी के लोगों का कहना था की जब बस स्टेण्ड होते हुए भी बस  नही आती तो क्या करे उन्होंने प्रशाशन व सरकार व रोडवेज विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा की यह भी आमजन को सुविधा नही असुविधा कराना चाहती है इसी कारण तो आज रोडवेज विभाग निरन्तर घाटे की और अग्रसर हो रहा है और लोगो का कहना की कुछ साल पूर्व यहाँ रोडवेज सीएमडी मंजीत सिंह ने भी निरक्षण किया था तब उन्होंने  यहा कम्प्यूटर टिकट और रोडवेज की सभी  जगह  की बसे स्थाई रूप से चलाने और बसो का संचालन बढ़ाने की बात कही और अधिकारियो को निर्देश भी दिए थे लेकिन उसके बाद 5 या 7 दिन तो बसे आई फिर वो ही ढाक के तीन पात वाली स्तिथी रह गयी उपचुनाव के समय यह बस स्टैण्ड शुरू हुआ परन्तु दो चार दिन बाद बन्द हो गया बस स्टैंड के समीप एक दुकानदार नरेंद्र टांक व आसपास के कॉलोनी के लोगो का कहना था की अब यह बस स्टेण्ड छोटे बच्चों के लिए खेल मैदान बन रहा है तो दूसरी और चहल पहल के आभाव मैं सुना पड़ता जा रहा है कस्बेवासियों सहित सभी लोगो ने अब  सरकार और प्रशाशन से मांग की है की जल्द से जल्द इस बस स्टेण्ड को चालू किया जाए जिससे आमजन सहित सभी को यात्रा करने मैं परेशानियो का सामना ना करना पढे और क्षेत्रवासियों को भी  सुविधा का लाभ मिल सके

इनका कहना

बस स्टैंड लाखो रुपये की लागत से तैयार किया गया था परन्तु बसों के अभाव के कारण आज यह बन्द हो गया जिससे यात्रियों व कस्बे वासी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है अगर सरकार और रोडवेज प्रशासन इस ओर ध्यान दे तो यह बस स्टैंड पुनः शुरू हो सकता है जिससे आमजन व यात्रियों को यात्रा करने में परेशानी ना हों

           श्याम सुंदर साहू

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