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-भाजपा सरकार के वादे हो रहे फेल, शासन का आदेश गांवों को मिलनी थी 18 घंटे बिजली बना मजाक
-बिजली के अभाव में सुख रही है किसानों की नर्सरियां, गर्मी से बेहाल हुआ जन जीवन

मीरजापुर,हिन्दुस्तान की आवाज, संतोष देव गिरी

मीरजापुर। उमष भरी गर्मी में बिजली की मनमानी कटौती से लोगों का आक्रोष सरकार के प्रति बढ़ने लगा है। आमजनमानस लेकर किसान, नौजवान और व्यापारी सहित समाज का हर वर्ग उद्वेलित होने लगा है। लोगों का कहना है कि नगर से लेकर गांवों को समुचित मात्रा में बिजली देने का सरकार का वादा हवा हवाई साबित होने लगा है। जिले के पहाड़ी विकासखंड अंतर्गत पड़री विद्युत उपकेंद्र से मात्र पांच घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है जिसके चलते उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जबकि शासन के आदेश के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को सोलह से अट्ठारह घंटे बिजली आपूर्ति का दावा भाजपा सरकार कर रही है। लेकिन पडरी विद्युत उपकेंद्र पर मात्र पांच से छः घंटे  तक विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इस संबंध में जब विद्युत उपकेंद्र के कर्मचारियों से पूछा जाता है कि आखिर बिजली की सप्लाई बंद क्यों है तो उनके द्वारा यह कह कर कि चुनार से विद्युत आपूर्ति बंद है। पल्ला झाड़ लिया जाता है। ऐसी स्थिति में जहां एक तरफ गर्मी से निजात पाने के लिए लोग परेषान हो उठे है वहीं मनमाना विद्युत आपूर्ति बाधित होने से किसानों के नर्सरी के लिए पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। चाहे दिन हो या रात कभी भी ठीक से बिजली नहीं आती है। अगर बिजली आती भी है तो लो बोल्टेज होने के कारण लोग उसका उपयोग ठीक से नही कर पाते है। जिसके  कारण तपती दोपहरी में पसीने से तरबतर औरतें बच्चों बूढ़ों के अलावा सभी को  काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विद्युत विभाग के अवर अभियंता दिलीप कुमार का कहना है कि कंट्रोल रूम डिस्टर्ब होने की वजह से विधुत सप्लाई पूरी तरह से नहीं हो पा रही है। सेवापुरी से ही विधुत बाधित है।  क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मांग किया है कि पड़री विद्युत उपकेंद्र से ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है अगर समय रहते विद्युत व्यवस्था पर सुधार नहीं होता है तो ग्रामीण उपभोक्ता विद्युत उपकेंद्र का घेराव करेंगे जिसकी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।



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