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 भिवंडी। एम हुसेन ।प्लास्टिक प्रतिबंध संबंधित जानकारी देने के लिए भिवंडी मनपा मुख्यालय स्थित महापौर कार्यालय में आयोजित दुकानदारों, व्यापारियों तथा उनसे जुड़े संगठनों की बैठक में महापौर जावेद दलवी ने कहा कि राज्य में प्लास्टिक का खुलेआम प्रयोग हो रहा है। जिसके चारों ओर दुष्परिणाम नजर आने लगे हैं। प्लास्टिक के कारण जमीन के नीचे पानी के जल स्रोत बंद होने लगे हैं। नाले गटर में प्लास्टिक जमा होने के कारण मलयुक्त पानी रास्ते पर बहने लगता है। जिसके कारण शहर में जगह-जगह गंदगी फैलती है और लोगों के स्वास्थ्य पर दुष्परिणाम हो रहे हैं । प्लास्टिक के कारण पर्यावरण को हानि हो रही है, और चारों ओर प्रदूषण फैल रहा है। शहर के लोगों का स्वास्थ्य खतरे में आ गया है । उक्त विषयों पर विचार करते हुए राज्य शासन ने राज्य में प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया है जो एक महत्वपूर्ण कदम है। प्लास्टिक प्रतिबंध से सभी नागरिक ,व्यापारी, दुकानदार को प्लास्टिक प्रतिबंध से परेशानी हो रही है लेकिन प्लास्टिक प्रतिबंध भविष्य के लिए आवश्यक है ।इसकी जानकारी को ध्यान में रखकर सभी नागरिकों के साथ दुकानदार व प्लास्टिक व्यापारी प्लास्टिक प्रतिबंध नियम का पालन करें अन्यथा प्रशासन द्वारा दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी ।
        प्लास्टिक प्रतिबंध के संदर्भ में दुकानदार व्यापारी व नागरिकों तथा व्यापारिक संगठनों के विभिन्न संस्थाओं के लिए आयोजित की गई कार्यशाला में महापौर जावेद दलवी ,मनपा आयुक्त मनोहर हिरे, अतिरिक्त आयुक्त अशोक रणखाम्ब, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल कल्याण विभाग के प्रादेशिक क्षेत्रीय अधिकारी धनंजय पाटिल उपस्थित थे। उक्त अवसर पर अपने संबोधन में मनपा आयुक्त मनोहर हिरे ने कहा कि राज्य शासन के आदेशानुसार  प्लास्टिक प्रतिबंध का निर्णय राज्य शासन  द्वारा लागू किया गया है। इसलिए भिवंडी में प्लास्टिक प्रतिबंध निर्णय पर अमल करना शुरू कर दिया गया है। दुकानदार ,व्यापारी और शहर के नागरिक मनपा प्रशासन का सहयोग करें इस प्रकार का आवाहन मनपा आयुक्त मनोहर हिरे ने किया है । व्यापारी संगठनों द्वारा राज्य से बाहर आने वाले प्लास्टिक उत्पादन कंपनी की जानकारी मनपा प्रशासन को दें ।तथा प्लास्टिक थैली जमा न करें। फुटकर दुकानदार और थैली के उत्पादक को प्लास्टिक बैग के संदर्भ में प्लास्टिक के उत्पादन वस्तु पर नाम पता व प्लास्टिक की क्वालिटी छापना आवश्यक होगा ।महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा तय किए गए मानक के आधार पर प्लास्टिक होना जरूरी है ।इस बात पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। राज्य शासन द्वारा बनाए गए कानून में महानगरपालिका प्रशासन किसी प्रकार का बदलाव नहीं करेगी। इसलिए नागरिकों व व्यापारी वर्ग में अधिक से अधिक प्लास्टिक प्रयोग बंद करना जरूरी है। और प्लास्टिक विरोधी अभियान को पूरी तरह से सफल बनाना है। प्लास्टिक प्रतिबंध के संदर्भ में जो व्यापारी वर्ग व दुकानदार तथा नागरिक ने सहयोग नहीं दिया तो प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करेगी। प्लास्टिक के कैरीबैग, थर्माकोल और प्लास्टिक के एक बार प्रयोग करने वाले सभी सामान्य वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया गया  है ।प्लास्टिक प्रतिबंध का नियम सभी के लिए हितकारक है। लेकिन जो व्यापारी सहकार नहीं करेंगे उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उक्त जानकारी अतिरिक्त आयुक्त अशोक कुमार रणखाम्भ ने दी। उक्त अवसर पर उपस्थित कल्याण विभाग प्रदूषण मंडल के प्रादेशिक अधिकारी धनंजय पाटिल ने कहा कि प्लास्टिक थैली पर नियमानुसार प्लास्टिक की क्षमता व उत्पादन संबंधित जानकारी छापना आवश्यक है इसके लिए सभी को नियम के तहत परमिशन लेना आवश्यक है। उसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई है ।इसलिए सभी से अपील की जाती है कि अधिक से अधिक प्लास्टिक उत्पादक व्यापारी वर्ग को इसका लाभ लेना चाहिए। इस प्लास्टिक प्रतिबंध संबंधित आयोजित कार्यशाला में शहर के विभिन्न व्यापारी संगठन के प्रतिनिधि भारी संख्या में उपस्थित थे। आरोग्य विभाग की उपायुक्त वंदना गुलवे ने राज्य शासन के प्लास्टिक अधिसूचना की सविस्तार जानकारी उपस्थित लोगों को दी।

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